जबलपुर

गैंगरेप करने के बाद खुद को बता दिया नाबालिग, कोर्ट के सामने खुला राज

गैंगरेप करने के बाद खुद को बता दिया नाबालिग, कोर्ट के सामने खुला राज  

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Aug 04, 2020
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जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने गैंगरेप के संगीन अपराध में सजा काट रहे अपराधी की सजा निलम्बित कर जमानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस जेपी गुप्ता की सिंगल बेंच ने आरोपी की सजा माफी के साथ जमानत की अर्जी निरस्त कर दी। कोर्ट ने उसे भविष्य में आवेदन दायर करने की छूट दी।

हाईकोर्ट ने खारिज की अर्जी, गैंगरेप के बाद उम्र छिपाई सजा नहीं होगी निलम्बित

छतरपुर निवासी सजायाफ्ता मुजरिम लल्लू कोंडर की ओर से अंतरिम आवेदन पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैनल लॉयर प्रदीप गुप्ता ने अर्जी का विरोध करते हुए तर्क दिया कि मामले के सह अभियुक्त राजेश की सजा माफ की जा चुकी है। इसी आधार पर आवेदक भी सजा माफी चाहता है। जबकि पुलिस के पास उसके खिलाफ अधिक पुख्ता सबूत हैं। इसीलिये उसे ट्रायल कोर्ट से सजा सुनाई गई। एक अन्य बिंदु यह भी है कि आवेदक ने पूर्व में स्वयं को अवयस्क साबित करने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था। जिनकी पोल खुलने के बाद कोर्ट ने सख्ती बरती। तर्क से सहमत होकर कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।

यहां बाथरूम में घुसकर मासूम से छेड़छाड़
शहर के अद्र्धशहरी क्षेत्र निवासी 10 वर्षीय मासूम के साथ रविवार रात बाथरूम में घुसकर युवक ने छेड़छाड़ की। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट का प्रकरण दर्ज कर लिया। पुलिस के अनुसार मासूम रात 9.30 बजे के लगभग बाथरूम में गई थी। तभी आरोपी पहुंचा और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। मासूम के शोर मचाने पर उसकी मां आई तो आरोपी भाग निकला। मासूम ने मां को आपबीती सुनाई। इसके बाद उसे लेकर महिला थाने पहुंची और प्रकरण दर्ज कराया।

Updated on:
04 Aug 2020 01:16 pm
Published on:
04 Aug 2020 01:38 pm