जबलपुर

green vegetables : अब पाउडर फार्म में मिलेंगी नर्मदा बेसिन की हरी सब्जियां-फल, सीधा रेडी-टू-ईट

स्टार्टअप राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा। भारत उद्यमिता समेलन में हर राज्य से एक स्टार्टअप का चयन किया गया है। इन स्टार्टअप का समान भी किया जाएगा।
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Sep 05, 2024
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Green vegetables

green vegetables : नर्मदा बेसिन में उपजे स्वादिष्ट फल, सब्जियों, दानों को दुनियाभर में 365 दिन उपलब्ध कराने उन्हें पाउडर, लेक्स और दाना फार्म में रेडी टू कुक व रेडी टू ईट बनाने वाले जबलपुर का स्टार्टअप राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा। भारत उद्यमिता समेलन में हर राज्य से एक स्टार्टअप का चयन किया गया है। इन स्टार्टअप का समान भी किया जाएगा।

green vegetables : रेडी-टू-कुक एंड रेडी-टू-ईट

किसान की बेटी पल्लवी पटेल ने उमरिया-डुंगरिया में स्टार्टअप स्थापित किया है। उन्होंने फास्ट फूड के जमाने में स्वादिष्ट पौष्टिक फल, सब्जियों को दाना, पाउडर, लैक्स के माध्यम से रेडी टू कुक व रेडी, टू ईट बनाने का काम किया है। वे दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में में 6 सितबर को आयोजित समेलन में पल्लवी मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

green vegetables : मटर, सिंघाड़ा से पालक मैथी तक उपलब्ध

पल्लवी के स्टार्टअप में यहां के स्वादिष्ट मटर, सिंघाड़ा से लेकर अमरूद, तरबूज, खरबूज, जामुन, कटहल, पालक, मैथी, गाजर समेत 4 फल व सब्’यिों को पाउडर, लेक्स और दाना के रूप में तैयार किया जा रहा है। जिसकी मांग देश के महानगरों से लेकर यूके, यूएई, आफ्रीका, दुबई, गल्फ देशों में है।

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green vegetables : ऐसे हुई शुरुआत

पल्लवी ने बताया कि वे किसान की बेटी हैं। आइटी से पढ़ाई कर मल्टी नेशनल कंपनी में सेवाएं दीं। उन्होंने देखा कि महाराष्ट्र में प्रोसेसिंग यूनिट लगाने से कई किसान आर्थिक रूप से संपन्न हो सके हैं। ऐसे में यहां के किसानों के लिए मददगार बनने स्टार्टअप की शुरुआत उमरिया डुंगरिया में की।

green vegetables : रेडी टू कुक व रेडी टू ईट को मददगार

आज के दौर में महिला-पुरुष कामकाजी हैं तो बच्चों की दिनचर्या व्यस्त हो गई है। ऐसे में रेडी टू कुक व रेडी टू ईट उपमा, पोहा, पास्ता, नूडल, बिरयानी जैसे तुरंत तैयार होने वाली डिश के लिए उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

green vegetables : 2 हजार से शुरू किया काम

एक महिला को साथ लेकर उन्होंने 2 हजार रुपए से निर्जलीकरण के उद्योग की 2021 में शुरुआत की थी। 500 किलो तक सब्जियों, अनाज की प्रोसेसिंग की शुरुआत की। इसे बढ़ाकर उन्होंने 2 हजार किलो प्रतिदिन कर लिया है। फिर 30 लोगों की यूनिट शुरू की। अब यूनिट में 60 लोग जुड़ गए हैं। फिलहाल शिमला मिर्च, हरी मिर्च, टमाटर, मूंग-तुअर दाल को पाउडर फॉर्म में तैयार कर रही हैं।

Updated on:
05 Sept 2024 11:19 am
Published on:
05 Sept 2024 11:19 am