लाइव मौसम वीडियो: नर्मदा के घाट मंदिर डूबे, 24 घंटे में जोरदार बारिश की चेतावनी
जबलपुर। सावन सूखा गुजरने के बाद भादो में बारिश तर कर रही है। काले बादल उमडऩे-घुमडऩे के साथ एक-दो दिन के अंतराल में झूमकर बरस रहे हैं। गुरुवार को भी बादल मेहरबान हैं। शहर के कुछ हिस्सों में सुबह से रिमझिम फुहारों के साथ बारिश हो रही है। वहीं बुधवार को सुबह और पूर्वान्ह को कुछ देर के लिए झमाझम वर्षा हुई। पूरे दिन रुक-रुक कर बूंदाबांदी का क्रम चला। कई किस्तों में शाम तक 14.4 मिमी पानी बरसा। रात को भी झमाझम बारिश से मौसम में ठंड का एहसास हो रहा था। सुबह 5 बजे तक रिमझिम बारिश होती रही है।
बादल रहे मेहरबान: गर्मी और उमस से मिली राहत
दिन में छाया रहा अंधेरा
बुधवार को उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव का क्षेत्र और राजस्थान से मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल की खाड़ी तक द्रोणिका बनी रही। इसके प्रभाव से काले बादल मंडराते रहे। इससे दिन में भी हल्का अंधेरा रहा। सांझ जल्दी ढल गई। शाम-5 बजे के पहले ही रोशनी के लिए लाइट्स जलाने की जरूरत पड़ गई। कई जगह स्ट्रीट लाइन खराब होने से सडक़ों पर अंधेरा छा गया। मौसम विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक सहायक देवेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बन रहा है। इसके गुरुवार को ऊपर आने का अनुमान है। इसके प्रभाव से तीन से चार दिनों तक शहर में रुक-रुक कर बारिश होने की सम्भावना है।
सामान्य से नीचे पारा
बारिश थमते ही चढ़ा पारा बुधवार को बूंदबांदी के बाद नीचे आया। तापमान सामान्य से कम हो गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 30.7 और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड किया गया। दोनों स्तर पर तापमान सामान्य से दो डिग्री ज्यादा था। बुधवार को तापमान में गिरावट आई। अधिकतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ। यह सामान्य से दो डिग्री कम बना रहा। न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
10 घंटे में 5 सेमी बढ़ा बरगी डैम का जल स्तर
बरगी डैम के कैचमेंट एरिया जबलपुर, मंडला, सिवनी, डिंडोरी में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे दस घंटे में बांध का जलस्तर पांच- सेंटीमीटर बढ़ा है। डैम कं ट्रोल रूम की टीम ने बताया कि अभी केवल पावर हाउस से ही पानी छोड़ा जा रहा है। डैम अधिकतम जलभराव क्षमता के मुकाबले लगभग सवा छह मीटर खाली है। जबकि बारिश सीजन के दो महीने बीत चुके हैं। डैम अब भी 6.16 मीटर खाली है।
ये है स्थिति
416.60 मीटर है मौजूदा जल स्तर
422.76 मीटर है अधिकतम जलभराव क्षमता