जबलपुर

अंतरराज्यीय ठग गिरोह ने सैकड़ों बेरोजगारों को बनाया शिकार, चार्जशीट पेश होने भर से नहीं मिलेगी जमानत

मप्र हाईकोर्ट ने बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र बना कर उनसे लाखों रुपए ठगने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह के दो सदस्यों को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
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Jun 02, 2018
high court
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जबलपुर । मप्र हाईकोर्ट ने बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र बना कर उनसे लाखों रुपए ठगने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह के दो सदस्यों को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
जस्टिस सीवी सिरपुरकर की सिंगल बेंच ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं कि घोटाला व्यापक और सैकड़ों निर्दोषों को धोखाधड़ी का शिकार बनाने का है। महज चार्जशीट पेश हो जाना जमानत का आधार नहीं है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने दोनों की अर्जियां निरस्त कर दीं।


यह है मामला
अभियोजन के अनुसार साइबर अपराध पुलिस भोपाल को शाजापुर निवासी फरियादी धर्मेन्द्र सिंह ने शिकायती आवेदन पत्र दिया था। फरियादी ने बताया कि उसने 2016 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में प्लंबर आरक्षक के लिये आवेदन व प्रतियोगी परीक्षाएं दीं थीं। कुछ अरसे बाद उसे एक नियुक्ति पत्र भी प्राप्त हुआ, जिसमें फरियादी का चयन हुआ बताया गया था। इसमें एक मोबाइल नंबर पर फोन करने को कहा गया। फोन करने पर उससे एक बैंक खाते में दो बार अमानत राशि व पंजीयन शुल्क के नाम पर 41 हजार 200 रूपये जमा कराए गए थे। 18 जून 2016 को उससे फिर 13200 रुपए जमा कराने को कहा गया। तब फरियादी को शंका होने पर उसने शिकायत की।


दो सौ बेरोजगारोंं को ठगने की थी तैयारी
गिरोह के एक मुख्य सदस्य चोल्दा, बागपत उप्र निवासी अंकित जाट को 12 अगस्त 2017 को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। खुलासा हुआ कि सुमित चौधरी या राहुल गुप्ता नामक व्यक्ति उसे फर्जी नियुक्ति पत्र छापकर देता था। अंकित से 200 फर्जी नियुक्ति पत्र भी जब्त किये गए। यह भी सामने आया कि गुजरात के मकरपुरा, बड़ोदरा निवासी वीर बहादुर सिंह के साथ मिलकर वन विभाग में नियुक्ति के नाम पर भी फर्जीवाड़ा किया था। आरोपी उसके 6 बैंक खातों और 5 मोबाइल फोन, सिम कार्ड का उपयोग कर पूरे भारत में बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े को अंजाम देते थे। वीरेंद्र को 16 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया गया। आरोपितों अंकित व वीरेंद्र की ओर से ये जमानत अर्जियां पेश की गई थीं, जिन्हें कोर्ट ने खारिज कर दिया।

Updated on:
02 Jun 2018 05:37 pm
Published on:
02 Jun 2018 05:34 pm