जबलपुर की गौर नदी के बहाव क्षेत्र में ताना तीन मंजिला भवन, मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 12 करोड़ रुपए से अधिक
जबलपुर। हिस्ट्रीशीटर और भूमाफिया सुदर्शन उर्फ मुन्ना सोनकर की पैसे की भूख इतनी बढ़ गई कि उसने जबलपुर के गौरेयाघाट में गौर नदी के बहाव क्षेत्र में ही तीन मंजिला अवैध भवन खड़ा कर दिया था। उसके रैन बसेरा रिसॉर्ट के पुराने निर्माण के कुछ पिलर भी नदी के घाट पर बने हैं। इससे नदी का अस्तित्व खतरे में आ गया है। प्रशासन ने माफिया विरोधी अभियान के तहत भवन और पार्टियों के लिए बनाए लॉन के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया है। इस लॉन से लाखों की कमाई की जाती थी। मुन्ना की 21 अलग-अलग अपराधों में संलिप्तता है। वह पुलिस के रेकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर है। शुक्रवार को प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने रांझी तहसील के अंतर्गत गौर ग्राम में गौर नदी के क्षेत्र और रास्ता मद की करीब शासकीय जमीन पर किए गए अतिक्रमणों को जमींदोज करने की कार्रवाही शुरू की। भू-माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 12 करोड़ से अधिक है। वहीं निर्माण की लागत भी दो करोड़ से अधिक है।
संयुक्त कलेक्टर एवं एसडीएम रांझी दिव्या अवस्थी ने बताया कि भू-माफिया एवं हिस्ट्रीशीटर गौरेयाघाट निवासी सुदर्शन उर्फ मुन्ना सोनकर की ओर से गौर नदी के किनारे बनाए गए रैनबसेरा रिसोर्ट के लॉन और इस रिसोर्ट से लगकर बनाए आलीशान भवन को ध्वस्त किया जा रहा है। लॉन में भव्य फव्वारे और दूसरी सजावटी सामान लगा था। उन्होंने बताया कि नदी के 100 मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण करना प्रतिबंधित हैं। लेकिन यह निर्माण 100 मीटर के भीतर किया गया है। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर एवं एसडीएम नम: शिवास अरजारिया, डीएसपी ग्रामीण अपूर्वा किलेदार, सीएसपी केंट भावना मरावी, तहसीलदार रांझी प्रदीप मिश्रा व नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी दस्ता मौजूद था। पुलिस के मुताबिक मुन्ना सोनकर निगरानीशुदा बदमाश है। उस पर कई थाना क्षेत्रों में मारपीट, चोरी, जुआं-सट्टा, आबकारी एवं आम्र्स एक्ट के प्रकरण दर्ज हैं। उसके खिलाफ 14 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हो चुकी है।