जबलपुर

पत्नी की देखभाल के लिए घर को बनाया अस्पताल, कार को भी बना लिया एम्बुलेंस

शहर में रहने वाले बुजुर्ग दंपत्ति के प्यार की मिसाल लगभग पूरे शहर में दी जाती है। जहां बीमार प्तनी की देखभाल के लिए पति ने अपने घर को ही सर्व सुविधा युक्त अस्पताल बना डाला है।
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पत्नी की देखभाल के लिए घर को बनाया अस्पताल, कार को भी बनाया एम्बुलेंस

जबलपुर/ कहते हैं, सच्चा प्यार किस्मत वालों को ही नसीब होता है। एक ऐसा प्यार जिसके लिए सात जन्म भी कम लगने लगें। अब तक आपने सच्चे प्यार की कई अनोखी कहानियों पर आधारित फिल्में देखी होंगी या किताबें में पढ़ी होंगी। लेकिन, मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक ऐसा प्रेमी जोड़ा रहता है, जिसने सच्चे प्यार का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। शहर में रहने वाले बुजुर्ग दंपत्ति के प्यार की मिसाल लगभग पूरे शहर में दी जाती है। जहां बीमार प्तनी की देखभाल के लिए पति ने अपने घर को ही सर्व सुविधा युक्त अस्पताल बना डाला है। यहीं नहीं, उनकी कार भी किसी एंबुलेंस से कम नहीं है ताकि सफर के दौरान पत्नी को आने वाली किसी भी समस्या से तत्काल निपटा जा सके।


सीओटू नार्कोसिस बीमार है पत्नी

शहर में स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से रिटायर हुए 74 वर्षीय ज्ञानप्रकाश अपनी पत्नी के साथ अकेले रहते हैं। इनका एक बेटा और बेटी भी है, लेकिन दोनो ही विदेश में रहते हैं। पत्नी कुमुदनी को सीओटू नार्कोसिस नाम की बीमारी है। ये एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मरीज के शरीर से प्रयाप्त मात्रा में कार्बन डायऑक्साईड का उत्सर्जन नहीं हो पाता। ऐसे मरीज को जीवित रखने के लिए लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट देना होता है। कोरोना संकटकाल में अस्पतालों के चक्कर लगाना बड़ा मुश्किल था। ऊपर से कोरोना का खतरा अलग। इसलिए ज्ञानप्रकाश ने अपनी पत्नी को अस्पताल की तहर स्वास्थ सुविधा देने के लिए अपने घर को ही अस्पताल और अपनी कार को ऑक्सीजन फिटेट एंबुलेंस में बदल दिया।


अस्पताल के ICU से भी बेहतर है पत्नी का बैडरूम

ज्ञानप्रकाश ने मरीज़ के लिहाज़ से बैडरूम को इस तरह से तैयार करा लिया है कि, ये किसी भी अच्छे खासे अस्पताल के आईसीयू वॉर्ड से खास है। यहां वैंटिलेटर, ऑक्सीजन, एयर प्यूरिफायर के साथ ऐसी भी कई सुविधाएं हैं, जो आमतौर पर अस्पतालों में भी मिलना मुश्किल है। रिटायर्ड इंजीनियर ज्ञानप्रकाश ने अपनी पत्नी की देखभाल के लिए कई मेडिकल डिवाइस भी बनाई हैं। इसमें मोबाइल स्टैथिस्कोप भी अनोखा है, जिसमें वो अपनी पत्नी की हार्टबीट मोबाईल में कैद कर लेते हैं और उसकी साउंड फाइल वॉट्सएप के जरिए डॉक्टर को भेज देते हैं, ताकि डॉक्टर बिना मरीज को चेक किये उसका पूर्ण हालचाल जानते हुए सुगमता से इलाज कर सके।


ज्ञानप्रकाश जी ने पेश की प्रेम की अद्भुत मिसाल

ज्ञानप्रकाश जी ने अपने घर में ऑक्सीजन सिलेंडर्स का पर्याप्त स्टॉक कर रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे तुरंत बदला जा सके। हालांकि, पत्नी के स्वास्थ की देखरेख के लिए उन्होंने एक नर्स भी साथ में ही रख रखी है। घर के आईसीयू में कुमुदनी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। इसकी मदद से उनकी सेहत में अब सुधार भी दिखने लगा है।ज़रूरी सभी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से भरपूर ये घरेलू अस्पताल ज्ञानप्रकाश जी के प्रेम की मिसाल है।

Published on:
21 Nov 2020 07:04 pm