अंतिम सोमवार, मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़ अपार

झंडा यात्रा और मेला का आनन्द, आजादी के जश्न के साथ भक्ति के रंग में डूबी संस्कारधानी

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Aug 15, 2016
shiv temple gupteshwar jabalpur
जबलपुर. सावन मेंं आमतौर पर भोलेनाथ के पूजन का विशेष महत्व है, जबकि संस्कारधानी के मदन महल पहाड़ी स्थित शारदा मंदिर में सावन सोमवार को बांस-झंडा चढ़ाने की अनुठी परम्परा है। अंतिम सोमवार को रंगे-सजाए बांस-झंडा और चुनरी के साथ श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर गेट के दृश्य देखकर एेसा अहसास हो रहा था कि जैसे पूरी संस्कारधानी ही माता के दरबार में पहुंच रही हो। शहर में आजादी के जश्न के साथ अंतिम सावन सोमवार का उत्साह लोगों पर सिर चढ़कर बोला। देश के साथ प्रभु भक्ति में जगह-जगह भव्य आयोजन भी किए गए। कई जगह भक्तों ने विशाल भंडारे का भी आयोजन किए।


Tilwaraghat mela jabalpur

शारदा चौक पर दोपहर बाद झंडा यात्रा के श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी तो पुलिस ने रूट वन वे कर दिया। शहर के सभी हिस्सों से आ रहे श्रद्धा के सैलाब ने पुलिस कर्मियों का पसीना छुड़ा दिया। नर्मदा सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने वन-वे रूट को भी बीच-बीच में रोक कर श्रद्धालुओंं को मंदिर की ओर जाने का मौका दिया। वाहनों को दूर ही रोक लिया गया। झंडा यात्रा के साथ ही शहर के लोग मंदिर में दर्शन पूजन करने पहुंचे। मार्ग में लगे मेला में मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं ने गृहस्थी व श्रृंगार के सामान खरीदे तो बच्चों ने सावन के झूलों का आनन्द लिया। मंदिर से दो किमी दूर से ही भगवती गीतों की धुनों पर प्रसाद वितरण चल रहा था।


मंदिरों में लगा रहा श्रद्धालुओं का तांता
सावन सोमवार को संस्कारधानी के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं को तांता लगा रहा। गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में भोर से ही रूद्राभिषेक शुरू हो गया। सूर्योदय से ही श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें लग गई। बारिश पर भक्तों का उत्साह भारी पड़ा। शिव लिंग गुफा तक जाने की प्रतीक्षा कर रहे भक्तगण मंदिर परिसर में गीले होते रहे। विजयनगर कचनार सिटी स्थित महादेव मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। शिव मंदिर भरतीपुर, गैबीनाथ महादेव मंदिर, शिवमंदिर देवताल पहाड़ी, कांच मंदिर जिलहरीघाट, साकेतधाम स्थित रामेश्वरम महादेव मंदिर में जलाभिषेक-रूद्राभिषेक व शिवार्चन हुआ। लोगों ने मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्टॉल सजाकर भक्ति की अलख जगाई तो आस्था भाव से श्रद्धालुओं में प्रसाद विततिर किया। देर शाम तक भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही।
Published on:
15 Aug 2016 08:48 pm
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