तीन गुनी रफ्तार से दौड़ा दी थी ट्रेन, डिप्टी एसएस और गार्ड पर होगी कार्रवाई, वरिष्ठ अधिकारियों ने शुरु की जांच
जबलपुर। एक ट्रेन को महज ३० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलना था पर उसे इससे करीब तीन गुना तेेज गति से दौड़ा दिया गया। पुराने ब्रिज पर सरपट दौड़ रही ट्रेन की इस रफ्तार से हर कोई कांप उठा। बुलेट ट्रेन जैसी दौडऩेवाली यह ट्रेन थी हावड़ा से मुम्बई जा रही मेल। इस ट्रेन के ओवर स्पीड का यह मामला अब जांच तक पहुंच चुका है जिसमें कई वरिष्ठ रेलवे अधिकारी कार्रवाई की जद में आ चुके हैं।
तीन गुनी तेजी से चलाई ट्रेन
हावड़ा से मुंबई जाने वाली मेल ट्रेन को चालक ने कॉशन ऑर्डर के बाद भी ८० की रफ्तार से दौड़ा दी। इससे ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची। सिहोरा में हिरन नदी के पास इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ट्रेक पर सुधार कार्य किया जा रहा था। ३० किमी प्रति घंटे की स्पीड का कॉशन आर्डर दिया गया था पर हावड़ा-मुंबई मेल ट्रेन ८० की रफ्तार से निकल गई। । शनिवार को शाम ५.२० बजे यह घटना घटी। बताया जा रहा है कि परिचालन विभाग द्वारा ट्रेन ड्राइवर को सूचित न किए जाने के कारण यह घटना हुई।
बोर्ड ने शुरु की जांच
अब यह मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया है। रेलवे अधिकािरयों के अनुसार सतना के डिप्टी एसएस और ट्रेन के गार्ड की लापरवाही से ट्रेन ओवरस्पीड से गुजर गई। सूत्रों के मुताबिक डिप्टी एसएस ने यह माना है कि वह ड्राइवर को कॉशन आर्ड की जानकारी देना भूल गया था। डीआरएम सुधीर कुमार खुद पड़ताल में लग गए हैं। बुरी बात यह भी है कि यह घटना उस वक्त हुई, जब सतना से मानिकपुर के बीच डीआरएम का निरीक्षण चल रहा था। अब डीआरएम ने ट्रेन ड्राइवर, असि.ड्राइवर, गार्ड और डिप्टी एसएस को पूछताछ के लिए तलब किया है।
डीएसओ कर रहे हैं जांच
जबलपुर रेल मंडल के सीनियर डीएसओ संजय कुमार इस मामले की जांच कर रहे हैं। सतना डिप्टीएसएस प्रवीण कुमार के बयान दर्ज किए गए हैं। कॉशन आर्डर होने के बाद भी ट्रेन के ओवर स्पीड से निकलने की सूचना देनेवाले सिहोरा रेल ब्रिज पर काम कर रहे पीडब्ल्यूआई केके मिश्रा को भी बयान के लिए बुलाया गया।