24 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मंत्री प्रतिमा बागरी की बढ़ेंगी मुश्किलें, हाईकोर्ट ने 60 दिन में मांगी रिपोर्ट

MP News: कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई, प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र पर हाईकोर्ट हुआ सख्त, सरकार से 60 दिन में मांगी रिपोर्ट।

2 min read
Google source verification
pratima bagri

pratima bagri caste certificate case mp high court orders 60 days report

MP News: मध्यप्रदेश के सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से विधायक और राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी (Pratima Bagri) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रतिमा बागरी के खिलाफ दायर फर्जी प्रमाण पत्र (Fake Caste Certificate) की याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने सख्ती दिखाई है। शुक्रवार को हाईकोर्ट में प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर सुनवाई हुई और कोर्ट ने प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर सरकार से 60 दिन में रिपोर्ट मांगी है। हाईकोर्ट ने ये भी कहा है कि सरकार के द्वारा दी गई रिपोर्ट की उच्च स्तरीय समिति जांच करेगी।

राज्य सरकार 60 दिन में पेश करे रिपोर्ट- हाईकोर्ट

हाईकोर्ट की डबल बेंच, न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति अविनेद्र कुमार सिंह ने याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि पिछले लगभग 1 वर्ष से इस मामले की जांच लंबित क्यों रखी गई और इसे दबाकर क्यों रखा गया। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देशित किया है कि उच्च स्तरीय छानबीन समिति इस मामले की 60 दिनों (दो माह) के भीतर जांच कर निर्णय प्रस्तुत करे। कोर्ट ने 20 जून तक का समय छानबीन समिति को दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश अग्रवाल ने इस मामले में पैरवी की।

कांग्रेस नेता ने दायर की है याचिका

राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। प्रदीप अहिरवार ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि मंत्री प्रतिमा बागरी ने प्रशासनिक मिलीभगत से फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर सतना जिले की एससी आरक्षित रैगांव सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की और राज्यमंत्री बनी हैं। कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने अपनी याचिका में 1961 और 1971 की जाति जनगणना का हवाला देते हुए बताया है कि पन्ना, सतना और सिवनी जिलों में ‘बागरी’ जाति को अनुसूचित जाति में शामिल नहीं किया गया था। इसके साथ ही उन्होंने 2003 में राज्य स्तरीय जाति छानबीन समिति के निर्णय और 2007 में केंद्र सरकार के राजपत्र का भी उल्लेख याचिका में किया है, जिसमें राजपूत समुदाय के ‘बागरी’ को SC श्रेणी में नहीं माना गया। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो मंत्री के खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई की जाए।

कौन हैं प्रतिमा बागरी

भाजपा की प्रतिमा बागरी मध्यप्रदेश के सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट से विधायक हैं। रैगांव विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और प्रतिमा बागरी ने साल 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की टिकट पर रैगांव से चुनाव लड़ा था। तब उन्होंने कांग्रेस की प्रत्याशी कल्पना वर्मा को 36,060 वोटों से चुनाव में शिकस्त दी थी। विधायक बनने के बाद प्रतिमा बागरी को राज्य मंत्री बनाया गया है।