
Jabalpur news: देश के कई शहरों में स्वाइन फ्लू (एचाएना) और इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। अब एमपी के जबलपुर शहर में की पैथोलॉजी लैबों में स्वाइन फ्लू या इन्फ्लूएंजा के लक्षण वाले मरीज सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सूचना देनी होगी। ऐसे संदिग्ध मरीजों के सैम्पल की जांच आईसीएमआर से कराई जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वाइन फ्लू की पुष्टि के लिए आईसीएमआर की रिपोर्ट ही मान्य होगी।
स्वास्थ्य विभाग बदलते मौसम के बीच दूसरी बीमारियों पर भी नजर रख रहा है। मच्छरजनित बीमारियों के बड़ी संख्या में मरीज सामने आ रहे है। जिले में मच्छरजनित बीमारियों के मामले भी सामने आ रहे हैं। पिछले एक महीने में डेंगू के 8, चिकनगुनिया के 3 और मलेरिया के 2 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि मच्छर व लार्वा विनिष्टिकरण के लिए दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने जिले के सभी शासकीय और निजी अस्पतालों को सामान्य बेड के साथ आईसीयू, आईसीसीयू और वेंटिलेटर बेड की उपलब्धता की जानकारी रोजाना सीएमएचओ कार्यालय को देना होगा। अधिकारियों के अनुसार कई बार मरीज के परिजन अस्पताल में बेड उपलब्ध है या नहीं, इसकी सही जानकारी नहीं मिलने के कारण भटकते है। इसलिए अस्पतालों से मिलने वाली बेड की जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
स्वाइन फ्लू के सम्भावित खतरे को देखते हुए मेडिकल अस्पताल प्रबंधन ने भी तैयारी की है। पेइंग वार्ड को स्वाइन फ्लू के संभावित आरक्षित रखा गया है। जरूरत या संक्रमित मरीजों के लिए पड़ने पर इन मरीजों को यहां भर्ती कर उपचार दिया जा सकेगा। इससे संदिग्ध मरीजों के लिए तत्काल उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
खांसी, जुकाम
बदन दर्द
बुखार
सांस लेने में तकलीफ।
गले में दर्द, अत्यधिक सुस्ती।
-खांसते या छींकते समय मुंह को ढकें, साबुन एवं पानी से बार-बार हाथ धोएं।
-सर्दी-जुकाम से पीड़ित व्यक्ति अन्य लोगों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए।
-हाथ मिलाने और गले मिलने से बचें।
-अन्य के टिश्यू पेपर, रूमाल, तौलिया और कपड़ों का इस्तेमाल न करें।
-आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।