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Indore news: ‘चूहे न काट लें…’, फर्स्ट एसी में दौड़ते रहे चूहे, रात भर 5 महीने की बच्ची लेकर बैठी रही महिला

Indian Railway: इंदौर-पुणे ट्रेन के फर्स्ट एसी में सफर कर रही महिला यात्री ने चूहों की उछल-कूद की शिकायत की है, खासकर अपनी पांच माह की बच्ची की सुरक्षा को लेकर।
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इंदौर

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Astha Awasthi

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Updated: 31 Aug 2026, 4:46 PM IST

Indian Railway: फर्स्ट एसी में चूहों से डरी महिला, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

Indian Railway: फर्स्ट एसी में चूहों से डरी महिला, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

Indore news: ट्रेन में चूहे के काटने की घटनाओं के बाद रेलवे भले ही पेस्ट कंट्रोल और चूहों पर नियंत्रण के दावे कर रहा हो, लेकिन ट्रेनों में चूहों का आतंक कम होता नजर नहीं आ रहा। इंदौर-पुणे के बीच चलने वाली ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री ने चूहों की उछल-कूद से परेशान होकर शिकायत की है। महिला का कहना है कि वह फर्स्ट एसी में सफर कर रही हैं और उनके साथ करीब पांच माह की बच्ची भी है। ऐसे में लगातार घूम रहे चूहों से बच्ची की सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है। महिला यात्री के मुताबिक ट्रेन के एसी डक्ट और कोच के दूसरे हिस्सों में चूहों ने जैसे अपना ठिकाना बना लिया है। रात के समय चूहे लगातार इधर-उधर दौड़ते और उछल-कूद करते दिखाई दे रहे हैं।

कोच में चूहों का आतंक

बच्ची को चूहे नुकसान न पहुंचा दें इस डर से महिला ने ट्रेन में मिले बेडरोल से अपनी सीट और आसपास के रास्तों को रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद चूहों के दूसरे रास्ते से आने की आशंका बनी हुई है। महिला का कहना है कि फर्स्ट एसी का किराया इसलिए दिया जाता है ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके। यदि इसी कोच में चूहों का इतना आतंक है तो यात्रियों की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उनका सवाल है कि जब ट्रेन में चूहे लगातार घूम रहे हैं तो उसे यात्रियों के लिए फिट कैसे घोषित किया गया ?

महिला यात्री बोलीं….

-ट्रेन में इतने चूहे हैं तो इसे यात्रियों के लिए फिट कैसे घोषित किया गया ?
-ट्रेन का आखिरी बार पेस्ट कंट्रोल कब किया गया था और इसकी निगरानी किसने की ?
-चूहों की समस्या के लिए जिम्मेदार अधिकारी या एजेंसी कौन है ?
-पेस्ट कंट्रोल के बाद भी चूहे कोच में कैसे पहुंच रहे हैं ?
-रेलवे ऐसी व्यवस्था कब करेगा कि यात्रियों, खासकर बच्चों को चूहों से नुकसान का खतरा न रहे ?

-महिला ने रेलवे से मांग की है कि केवल पेस्ट कंट्रोल के दावे करने के बजाय कोच के एसी डक्ट, सीटों और अन्य संभावित ठिकानों की जांच कर चूहों के प्रवेश के रास्ते बंद किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

पहले भी आ चुकी है शिकायत

जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले ही चंडीगढ़ से इंदौर आने वाली ट्रेन में एक यात्री को चूहे ने काट लिया था। इस घटना के बाद रेलवे की पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर सवाल उठे थे। अब इंदौर-पुणे ट्रेन में महिला यात्री की शिकायत ने फिर वही सवाल खड़े कर दिए हैं।