जबलपुर

साहब! दो छात्राएं कोरोना पॉजिटिव हो गईं…हम तो सिर्फ मास्क-पीपीई किट मांग रहे हैं, आप वह भी नहीं दे रहे

जबलपुर के मेडिकल कॉलेज में के इंटर्न छात्रों ने बंद किया काम

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Aug 08, 2020
jabalpur medical student

जबलपुर। यदि जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्टूडेंट की बात सही है, तो फिर हद ही हो गई। कोरोना कहर के बीच भी यदि इंटर्न स्टूडेंट से काम भी कराया जाए और उन्हें मास्क, पीपीई किट के लिए तरसा दिया जाए, तो इससे आगे कहने के लिए क्या बचता है? फिलहाल कोरोना से लड़ाई में जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ग्लव्स, मास्क, पीपीई किट की मांग को लेकर वर्ष 2015 बैच के इंटर्न छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला। कॉलेज के गल्र्स हॉस्टल में रहने वाली दो इंटर्न छात्राओं के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद बाकी छात्र-छात्राएं चिंतित है। इंटर्न को एन-95 मास्क, ग्लव्स और संक्रमण से सुरक्षा के लिए अन्य किट प्रदान नहीं किए जाने से नाराज हैं। पॉजिटिव मिली छात्राओं के सम्पर्क में आई अन्य छात्राओं के नमूने की जांच रिपोर्ट आने के पहले ही प्रशिक्षण के लिए बुलाए जाने से भड़के इंटर्न ने शुक्रवार से काम बंद कर दिया है। चार माह से लम्बित स्टाइपेंड के भुगतान और उन्हें भी डॉक्टर की तरह ग्लव्स, मास्क एवं क्वारंटीन सुविधा देने की मांग को लेकर डीन डॉ. पीके कसार को ज्ञापन सौंपा है।

2015 बैच के करीब 120 छात्र-छात्राओं का आरोप है कि कोविड वार्ड, पीएचसी, अस्पताल की कैजुअल्टी, ओपीडी, फीवर क्लीनिक में प्रशिक्षण ले रहे इन्टर्न संदिग्ध मरीज की जांच कर रहे हैं। इसके के बावजूद उन्हें एक डॉक्टर की तरह कोरोना से बचाव सम्बंधी सामग्री नहीं दी जा रही। रिमाइंडर देने और कोविड सर्वे से लेकर वार्ड में प्रशिक्षण के दौरान तैनात किए जाने के बावजूद स्टाइपेंड का चार माह से भुगतान नहीं किया गया है। सरकार की अनदेखी से वे आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव में है। पॉजिटिव छात्राओं के सम्पर्क में आई अन्य छात्राओं की कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं आने तक क्वारंटीन रखने की मांग कर रहे हैं।

Published on:
08 Aug 2020 08:30 pm
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