Jabalpur Bargi Dam Tragedy: बाहर निकले गए 28 लोगों में क्रूज के को-पायलट महेश पटेल भी शामिल हैं। क्रूज के हाथों की कमान महेश के हाथों में ही थी। घटना के बाद मुख्यमंत्री का आदेश मिलते ही महेश को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
Jabalpur Bargi Dam Tragedy: जबलपुर बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के बाद चार दिनों तक चला खोज एवं बचाव अभियान अब समाप्त हो चुका है। इस घटना में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोगों को जीवित सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस काम में आगरा से आई सेना की टीम, भोपाल की एनडीआरएफ और जबलपुर की एसडीआरएफ और होमगार्ड के जवानों ने बड़ा योगदान दिया।
इसके साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी लगातार मौके पर सक्रिय रहे। अनुविभागीय अधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि आगामी निर्देशों तक बरगी क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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बाहर निकले गए 28 लोगों में क्रूज के को-पायलट महेश पटेल भी शामिल हैं। क्रूज के हाथों की कमान महेश के हाथों में ही थी। घटना के बाद मुख्यमंत्री का आदेश मिलते ही महेश को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। महेश का कहना है कि मैं आखिरी तक क्रूज के अंदर ही रहा। मैं किसी को भी छोड़कर नहीं भागा। लेकिन अगर फिर भी मेरी गलती है तो मैं सभी से माफी मांगता हूं।
महेश ने एक ऐसी बात भी बताई जो अब तक सामने नहीं आई थी। महेश का कहना है कि 30 अप्रैल को शाम के समय 5.30 पर क्रूज निकला था। क्रूज का एक चक्कर लगभग 45 मिनट में पूरा होता है। हम लौट रहे थे, उस समय लगभग 6:45 बजे होंगे। हम किनारे से लगभग 50 मीटर की दूरी पर थे। अचानक से तेज हवाएं चलने लगी। मैनें स्टॉफ को बोला था कि हवा बहुत तेज हो गई है सभी को लाइफ सपोर्ट जैकेट बांट दीजिए। स्टॉफ ने सभी को जैकेट दे दिए। देखते ही देखते क्रूज में पानी भरने लगा।
महेश ने बताया कि क्रूज का एक इंजन स्लो था। इसने काम करना बंद कर दिया। देखते ही देखते क्रूज एक तरफ झुकने लगा। इस दौरान मैं अंदर ही था क्योंकि पायलट केबिन ऊपर की तरफ होता है। जैसे ही क्रूज पानी में डूब गया तो लहरों ने मुझे बाहर फेंक दिया। मेरा पैर रेलिंग में फंसा था। मैनें पानी के दबाव से ही पैर रेलिंग से निकला। तब मैं क्रूज से बाहर आया। बचते-बचते किनारे पर पहुंचा तो लोगों ने मुझे बैठाया। इसके बाद अस्पताल पहुंचाया।
बरगी क्षेत्र में हुए हृदयविदारक हादसे में असमय काल कवलित हुए दिवंगतों की स्मृति में गौ माता चौक पर एक शोक सभा आयोजित की गई। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मोमबत्ती जलाकर व पुष्प अर्पित कर मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। महिला मंडल अध्यक्ष भावना गुह्रश्वता ने कहा कि इस भीषण घटना से समूचा क्षेत्र शोकाकुल है। उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर अपर्णा गुप्ता, श्वेता, आभा, सपना, पूर्णिमा, नीरज, संजय, कमलेश, राकेश और दिगंबर गुप्ता सहित अनेक नागरिक मौजूद थे।