
Jabalpur Cruise Incident Shocking Reveal: बरगी बांध क्रूज त्रासदी में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पता चला है कि जिस क्रूज पर यह हादसा हुआ, उसका बीमा 30 मार्च 2026 को समाप्त हो गया था। हादसे के दिन क्रूज बिना वैध बीमा के पानी में उतारा था। इस गंभीर लापरवाही पर तकनीकी सलाहकार वाटर स्पोर्ट्स राजेंद्र निगम ने कहा, मार्च में बीमा खत्म होने से पहले बीमा कंपनी को राशि का भुगतान कर दिया था। उनके अनुसार, विभाग की ओर से सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन भुगतान तकनीकी कारणों के चलते इंश्योरेंस कंपनी ने लौटा दिया था। इससे बीमा रिन्यू नहीं हुआ।
सूत्रों के अनुसार क्रूज बीमा अवधि समाप्त होने की बात सामने आने के बाद हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों को मिलने वाले क्लेम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मामले में जीएम वाटर स्पोर्ट्स एवं ऑपरेशन अजय श्रीवास्तव का कहना है कि मृतकों के परिजन को क्लेम दिलाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, बीमा लैप्स होने की स्थिति में क्लेम की राशि कितनी होगी? क्या बीमा कंपनी इसे स्वीकार करेगी, इस पर उन्होंने स्पष्ट कुछ भी नहीं कहा। उन्होंने केवल बताया, इस संबंध में बीमा कंपनी से बातचीत चल रही है।
इस पूरे घटनाक्रम पर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम एमडी इलैयाराजा टी ने बताया उन्हें बीमा खत्म होने की आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड चेक करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी।
क्रूज हादसे में ओएफके खमरिया के कर्मचारी कामराज ने अपने परिवार को बचाने की भरसक कोशिश की थी, लेकिन हालात इतने भयावह थे कि परिवार बिखर गया। उन्होंने अपने दोनों बेटों 10 साल के बेटे पृवीथरन और 5 वर्षीय तमिल को एक-दूसरे का हाथ पकडऩे के लिए कहा, लेकिन अफरा-तफरी में उनका हाथ छूट गया। मूलत: तमिलनाडु निवासी कामराज के बड़े बेटे पृवीथरन ने जब आपबीती सुनाई, तो सुनने वालों की आंखें नम हो गईं। हादसे में कामराज, पत्नी काकुझाली, बेटे तमिल, भाभी सौभाग्यम और भतीजे मयूरम की मौत हो गई। सौभाग्यम की बेटी इनिया और कामराज के बेटे पृवीथरन सुरक्षित बाहर निकल आए।
कामराज और उनके पुत्र के शव को रविवार को त्रिचिनापल्ली भेजना था, लेकिन खराब मौसम के कारण विमान लैंड नहीं कर सका। परिजनों को शाम तक विमान आने की सूचना दी गई थी, इसके बाद शवों को आयुध निर्माणी खमरिया की मर्चुरी से निकालकर डुमना एयरपोर्ट ले जाया जा रहा था। रास्ते में सूचना मिलने पर शवों को वापस मर्चुरी में रखवाया गया। अब आज सोमवार सुबह 7 बजे दूसरे विमान से शव भेजे जाने की तैयारी की गई है।