अब बादलों ने बढ़ाई बेचैनी, एक बार फिर पडऩे वाली है कड़ाके की ठंड
जबलपुर। बादलों के आने से एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौटकर आने वाली है। दरअसल बादलों के आने से जहां दिन का पारा चढ़ा है वहीं रात को अब भी ठंड लग रही है। वहीं बादलों के छंटते ही ठंड फिर लौटकर आएगी। अगले एक सप्ताह में मौसम बदल सकता है। कहीं कहीं बूंदाबांदी होने की संभावना भी जताई जा रही है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में परिवर्तन
बादलों ने चार डिग्री तक चढ़ाया पारा, दिन में ठंड गायब
पश्चिमी विक्षोभ के बार-बार आ रहे असर से सर्दी कमजोर पड़ गई है। कई दिन से मंडरा रहे हल्के बादलों की आवाजाही बुधवार को भी बनी रही। इससे तापमान करीब चार डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से सात डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा हो गया। बादलों के कारण पारा चढऩे से ठंड का असर कम हो गया। दिन के समय तो सर्दी लगभग गायब सी हो गई। दोपहर में हल्की धूप के सम्पर्क में आने पर जाड़े का अहसास ही नहीं हुआ। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी दो से तीन दिन तक तेज ठंड की सम्भावना नहीं है।
सामान्य से सात डिग्री ज्यादा पारा
अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस था। इसमें बुधवार को 3.9 से 0.8 डिग्री सी तक वृद्धि दर्ज की गई। बुधवार को अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ। यह सामान्य से पांच डिग्री सी ज्यादा था। न्यूनतम तापमान सामान्य से 7 डिग्री ज्यादा 18.2 डिग्री सी रेकॉर्ड हुआ। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान मंडला और खरगौन में 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक सहायक देवेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार बुधवार को उत्तरी हवा एक किमी प्रतिघंटा की गति से चली। आकाश साफ हो रहा है। गुरुवार को फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके कारण अभी दो-तीन दिन तक तापमान में गिरावट आने की सम्भावना कम है। पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होने और बादल छंटने पर सर्दी का असर बढ़ेगा।
पिछले साल 6 जनवरी को था 8 डिग्री
इस वर्ष 6 जनवरी को सर्दी कमजोर पड़ गई है, वहीं पिछले साल जनवरी के पहले सप्ताह में कड़ाके की सर्दी थी। मौसम विभाग के रेकॉर्ड के अनुसार 6 जनवरी, 2020 को अधिकतम तापमान 23.9 डिग्री सी और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस था। इसके मुकाबले वर्ष 2021 की 6 जनवरी को पारा काफी चढ़ा हुआ है।