मंडी में धारा 163 लागू रहेगी। इस दौरान किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम पर रोक रहेगी। प्रशासन ने मंडी में चौकसी बढ़ा दी है। मंडी प्रशासन के अधिकारी मंडी में नजर रखेंगे।
green matar : कृषि उपज मंडी से मटर के कारोबार को ओरिया में नई मंडी शिफ्ट करने में सब्जी व्यापारियों के विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया है। मंडी में धारा 163 लागू रहेगी। इस दौरान किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम पर रोक रहेगी। प्रशासन ने मंडी में चौकसी बढ़ा दी है। मंडी प्रशासन के अधिकारी मंडी में नजर रखेंगे।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में धारा 163 के लागू होने के साथ ही कृषि उपज मंडी प्रांगण से हरे मटर के थोक क्रय-विक्रय को 1 दिसंबर से प्रतिबंधित किया है। वहीं 2 दिसंबर से हरे मटर का थोक क्रय-विक्रय ओरिया स्थित नवीन मंडी प्रांगण से ही किया जा सकेगा। यहां पर केवल यहां सब्जी व्यापार ही रहेगा। उल्लेखनीय है कि बुधवार को बैठक में प्रशासन ने 30 तारीख से नई मंडी में कारोबार शुरू करने की बात कही थी। हालांकि व्यापारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं किए जाने की मांग की थी।
जिला प्रशासन द्वारा फिलहाल मटर मंडी का स्थानांतरण किया जा रहा है लेकिन इसमें सब्जी कारोबार से जुड़ा एक बड़ा व्यापारिक वर्ग विरोध कर रहा है।
बताया जाता है 1 दिसंबर से हरे मटर के थोक विक्रय हेतु आने वाले लोडर वाहन, ट्रेक्टर-ट्रॉली, चार पहिया वाहन एवं भारी वाहन आदि के कृषि उपज मंडी प्रांगण में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। मंडी सचिव व एसडीएम की लिखित अनुमति से वाहन मंडी प्रांगण में प्रवेश कर सकेंगे।
अधारताल तहसील के औरिया गांव और करमेता के नई मंडी प्रांगण में गुरुवार को हरे मटर की खरीदी-बिक्री को ध्यान में रखते हुए लॉटरी सिस्टम से 30 अस्थाई दुकानों का आवंटन किया गया। इस दौरान एसडीएम अभिषेक सिंह, मंडी समिति के सदस्य व व्यापारी मौजूद थे। साथ ही चेन्नई, बेंगलूरु, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों से आए हरे मटर के व्यापारियों के साथ बैठक की गई।
green matar : वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मंडी में धारा 163 लागू कर दी गई है। कृषि उपज मंडी प्रांगण से हरे मटर के थोक क्रय-विक्रय का काम 1 दिसंबर से प्रतिबंधित रहेगा। विभागीय अधिकारियों और मंडी प्रशासन को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।