सिविक सेंटर से लेकर गोल बाजार, घंटाघर, रेलवे स्टेशन मार्ग, जिला अस्पताल के सामने, मेडिकल अस्पताल के सामने सभी जगह अराजक हालात हैं।
Municipal Corporation : शहर में स्ट्रीट वेंडर के लिए चिह्नित रेड, ग्रीन और यलो जोन को नगर निगम भूल गया है। एक दशक से इनका रिव्यू नहीं किया गया। वर्तमान में पांच रुपए बैठकी शुल्क वसूल कर करोड़ों के फुटपाथ हर रोज बेचे जा रहे हैं। सिविक सेंटर से लेकर गोल बाजार, घंटाघर, रेलवे स्टेशन मार्ग, जिला अस्पताल के सामने, मेडिकल अस्पताल के सामने सभी जगह अराजक हालात हैं।
यहां एबुलेंस और दमकल वाहनों को भी आवाजाही में जाम से जूझना पड़ता है। निगम प्रशासन स्ट्रीट वेंडर को एक जगह से खदेड़ता है तो वे दूसरी जगह जम जाते हैं। दरअसल निगम नए बाजार, हॉकर जोन विकसित करने की व्यवस्था ही नहीं दे पा रहा है। 12 साल पहले निगम प्रशासन की ओर से स्ट्रीट वेंडर के लिए बनाई गई व्यवस्था चौपट हो गई है।
नगर निगम निगम प्रशासन ने तत्कालीन संभागों में रेड जोन, ग्रीन जोन, यलो जोन, चिह्नित किए थे। जिससे यहां स्ट्रीट वेंडर व्यापार कर सकें और यातायात व्यवस्था भी बाधित नहीं हो। लेकिन निगम अपनी ही बनाई व्यवस्था को भूल गया है। तत्कालीन चिन्हित रेड जोन में भी ठेले, टपरे जम गए हैं। एक दशक पहले निगम की सीमा का विस्तार कर 9 नए वार्ड बनाए गए। निगम सीमा को 16 सभाग में बांट दिया गया, पर नए सिरे से क्षेत्रवार पथ विक्रेताओं के लिए जोन चिह्नित नहीं किए।