
Jabalpur rate 2026 : जिले में कलेक्टर गाइडलाइन 2026-27 के लिए दरें तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रारंभिक आंकलन के अनुसार बायपास और रिंग रोड के आसपास की संपत्ति की सरकारी दरें मौजूदा कीमतों की तुलना में डेढ़ गुना तक बढ़ सकती हैं। उप पंजीयकों की रिपोर्ट और खरीदारों से जुटाई गई जानकारी में यह स्पष्ट हुआ है कि कई इलाकों में जमीन और प्लॉट की बिक्री वर्तमान गाइडलाइन से काफी अधिक दामों पर हो रही है।
इसी को आधार मानते हुए जिला पंजीयक कार्यालय ने भोपाल से तुलनात्मक आंकड़े मांगे हैं, साथ ही जिले के 10 प्रमुख विभागों को पत्र लिखकर नई परियोजनाओं, सडक़ों, डायवर्टेड खसरा, आवासीय व व्यावसायिक भूखंडों की दरों का विस्तृत डेटा तलब किया है।
जबलपुर के पाटन, कटंगी, मंडला बाइपास और रिंग रोड के आसपास बसे गांवों में रियल एस्टेट की मांग तेजी से बढ़ी है। नए कनेक्टिविटी कॉरिडोर, नेशनल/स्टेट हाइवे लिंक और प्रस्तावित रिंग रोड के कारण भूमि निवेशकों की रुचि कई गुना बढ़ी है। लोग इन क्षेत्रों में तेजी से खरीदारी कर रहे हैं। कई डील गाइडलाइन से ऊपर के दामों पर हो रही हैं। यही वजह है कि नई गाइडलाइन में भारी वृद्धि लगभग तय मानी जा रही है।
वरिष्ठ जिला पंजीयक कार्यालय ने विभिन्न विभागों को पत्र जारी किया है। इनसे नई सडक़ परियोजनाओं, मौजूदा दरों, बहुमंजिला भवन दरों, भूमि अधिग्रहण, डायवर्सन खसरे, ग्राम-वार क्षेत्रफल, आगामी योजनाओं सहित विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
वर्तमान गाइडलाइन में जिले की 190 लोकेशन पर संशोधित दरों पर रजिस्ट्री की जा रही है। जिले की कुल 2696 लोकेशन में से 1100 स्थान ऐसे थे जहां बाजार मूल्य गाइडलाइन दर से ऊपर था, जिसके बाद यह संशोधन किया गया।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, रिंग रोड के पूरे लेआउट के सक्रिय होने के बाद जमीनों की कीमतों में 40 से 60त्न तक की अतिरिक्त वृद्धि संभव है। इसके अलावा, जेडीए की प्रस्तावित नई योजनाएं, औद्योगिक क्षेत्र और लॉजिस्टिक हब की प्लानिंग भी आसपास की जमीन के मूल्य पर सीधा असर डाल सकती है।
Jabalpur rate 2026 : जिले में वर्ष 2026-27 के लिए अचल संपत्ति की दरों का निर्धारण प्रारंभ हो चुका है। कलेक्टर के निर्देशों पर 10 विभागों से विस्तृत जानकारी मांगी गई है। कई क्षेत्रों में रजिस्ट्री मौजूदा दरों से अधिक पर हो रही है, उसकी रिपोर्ट भी तैयार हो रही है।