सेंट्रल जेल में बंद था आरोपी, एक जेल प्रहरी निलम्बित, विभागीय जांच शुरू
जबलपुर। सेंट्रल जेल में बंद एक बदमाश को सीने में तकलीफ हुई। तकलीफ बढऩे पर जेल से दो प्रहारियों की कड़ी सुरक्षा में कैदी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। जहां, बदमाश शौचालय के अंदर गया तो बाहर ही नहीं लौटा। जेल प्रहारी कैदी का बाहर बैठे-बैठे इंतजार ही करते रह गए। जेल प्रहारियों को जब कैदी के भाग जाने की भनक लगी तो उनके हाथ पैर फूल गए। उन्होंने घटना की गढ़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 224 का प्रकरण दर्ज कर लिया है। बदमाश के भागने की खबर जैसे ही मेडिकल अस्पताल परिसर में फैली तो वहां मौजूद दूसरे लोग दहशत में आ गए। इस मामले में जेल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेल प्रहारियों को निलंबित कर दिया है।
जेल की एंबुलेंस से गए थे मेडिकल
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस केन्द्रीय कारागार से गुरुवार को जेल प्रहरी उग्रसेन मिश्रा और संतोष चार बंदियों को रूटीन चैकअप के लिए मेडिकल अस्पताल लेकर आए थे। चारों बंदियों को जेल की एंबुलेंस से लाया गया था। इनमें विचाराधीन बंदी श्रीनाथ की तलैया लार्डगंज निवासी जयदीप राठौर उर्फ बच्चू भी शामिल था। जयदीप को हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. आरएस शर्मा को चैक करवाना था।
टॉयलेट की खिड़की तोड़कर भाग
जयदीप ने दोपहर करीब एक बजे जेल प्रहरियों से शौच जाने के लिए कहा। वे उसे अस्पताल परिसर स्थित शौचालय ले गए और उसकी हथकड़ी खोल दी। जयदीप शौचालय के भीतर गया। जेल प्रहरी उग्रसेन बाहर खड़ा था। बंदी ने शौचालय में जेल के कपड़े उतारे और खिड़की तोड़कर भाग गया। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आया, तो उग्रसेन को संदेह हुआ। उसने जैसे-तैसे दरवाजा तोड़ा तो जयदीप वहां नहीं था।
एक माह पूर्व लाया गया था सेंट्रल जेल
जयदीप के खिलाफ कटनी में चोरी और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। आरोपित के खिलाफ माधवनगर थाना में धारा 307 के तहत प्रकरण में न्यायालय ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वह कटनी जिला जेल में बंद था। एक माह पूर्व ही उसे नेताजी सुभाषचन्द्र बोस सेन्ट्रल जेल लाया गया था। पुलिस व जेल प्रहरी जयदीप के घर और उसके ठिकानों पर नजर रखे हुए हैं।
विभागीय जांच शुरू
जेल अधीक्षक अनिल सिंह परिहार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया कि जेल प्रहरी उग्रसेन मिश्रा ने कैदी की हथकड़ी खोली थी। उग्रसेन को निलम्बित कर मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।