नर्मदा के सभी तट जलमग्न। ग्वारीघाट में मंदिर डूब गए हैं, तिलवाराघाट में पुराना पुल और भेड़ाघाट में लम्हेटा छोर का पुल डूब गया है। धुआंधार, घुघवा जलप्रपात पूरी तरह से विलीन हो गए हैं।
जबलपुर. कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते बरगी डैम में बड़ी मात्रा में पानी की आवक बनी हुई है। मंगलवार देर रात तेरह गेट की ऊंचाई पौने दो मीटर से बढ़ाकर तीन मीटर तक की गई। बांध से एक लाख 95 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे नर्मदा के सभी तट जलमग्न हो गए। ग्वारीघाट में मंदिर डूब गए हैं, तिलवाराघाट में पुराना पुल और भेड़ाघाट में लम्हेटा छोर का पुल डूब गया है। धुआंधार, घुघवा जलप्रपात पूरी तरह से विलीन हो गए हैं। तटवर्ती क्षेत्रों के रहवासी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। बरगी डैम कंट्रोल रूम की टीम लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
शहर में मंगलवार सुबह 8 से शाम 5 बजे तक 40.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। दो दिन से जारी बारिश के कारण जलभराव से शहर के ज्यादातर इलाकों का बुरा हाल हो गया. जबलपुर के साथ ही बरगी डैम के कैचमेंट इलाकों मंडला, डिंडौरी, सिवनी में हो रही बारिश के कारण डैम लबालब हो गया। जिसके चलते डैम के 13 गेट खोले गए थे.
बरगी डैम की स्थिति
-422.35 मीटर मौजूदा जल स्तर
-422.76 मीटर अधिकतम जलभराव स्तर
-13 गेट खुले हैं
-3.5 मीटर खुले हैं गेट 10,11,12
-3 मीटर खुले हैं गेट 7,8,9,13,14,15
-3 मीटर गेट क्र. 5,6,16,17
-196252 क्यूसेक पानी की आवक
-195292 क्यूसेक पानी की निकासी
-177 क्यूसेक दांयी तट से निकासी
-6427 क्यूसेक पावर हाउस से निकासी