Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों को आरएफ आइडेंटिटी कार्ड (रेडियो फ्रीक्वेंसी परिचय पत्र) दिए जाएंगे, जो उन्हें यात्रा शुरू करने से पहले मिलेंगे।
Amarnath Yatra 2026: बाबा अमरनाथ बर्फानी के दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों की तैयारियां शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी हमले की धमकी से यात्रियों में हल्का डर है, लेकिन उनकी आस्था इतनी प्रबल है कि कोई भी यात्रा रद्द करने की नहीं सोच रहा है। युवाओं में तो इस धमकी के बाद यात्रा के लिए और उत्साह नजर आ रहा है। वहीं इस बार अमरनाथ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों को आरएफ आइडेंटिटी कार्ड (रेडियो फ्रीक्वेंसी परिचय पत्र) दिए जाएंगे, जो उन्हें यात्रा शुरू करने से पहले मिलेंगे। इससे यात्रियों की लोकेशन लगातार ट्रेस व सुनिश्चित की जा सकेगी। कार्ड अमरनाथ श्राइन बोर्ड जारी करेगा।
मां नर्मदा तीर्थयात्रा मण्डल के धीरज ठाकुर ने बताया कि जिन यात्रियों ने बैंकों के माध्यम से पंजीयन कराया गया है, उन्हें पंजीयन कार्ड दिखाने पर आरएफ कार्ड मिलेगा। जबकि ऑनलाइन पंजीयन वालों को बायोमैट्रिक पंजीयन के बाद यह कार्ड प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बालटाल बेस कैंप, पेंटा चौक, श्रीनगर एयरपोर्ट, पहलगांम, हेलीपेड नीलघाट, महाजन हाल जम्मू, गीता भवन जम्मू स्टेशन, वैष्णवीधाम जम्मू, पंचायत भवन जम्मू, यात्री निवास जम्मू से यह कार्ड प्राप्त किए जा सकेंगे।
यात्रा की तैयारी में जुटे गढ़ा के संदीप कोरी ने कहा कि आतंकी धमकी से दहशत तो है, लेकिन बर्फानी बाबा पर विश्वास भी है। सुरक्षा के लिहाज से वे अब बालटाल होकर जाएंगे। हालांकि, कुछ युवाओं ने कहा कि वे आतंकवादियों से डरने वाले नहीं है और हर हाल में अमरनाथ यात्रा करेंगे। विजयनगर के पीयूष ने कहा कि वे हर हाल में अमरनाथ जाएंगे, ताकि आतंकियों का मंसूबा कामयाब न हो। ऐसे वक्त में हमें देश व सरकार के साथ खड़े रहना चाहिए।
जबलपुर के ढाई हजार से ज्यादा लोग अभी तक अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। पंजाब नेशनल बैंक अधिकारियों के अनुसार अभी तक ढाई हजार पंजीयन हो चुके हैं। यात्रा के लिए आरएफ आईडी कार्ड जरूरी होगा। पंजीयन कार्ड दिखाने के बाद जम्मू में आरएफ आईडी कार्ड मिलेगा। इसमें जीपीएस के जरिए लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा। अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी। यह 28 अगस्त तक चलेगी। इसके लिए अमरनाथ यात्रियों ने तैयारियां शुरू कर दी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जबलपुर संहित आसपास से इस बार छह हजार से अधिक यात्री रवाना होंगे। पहला जत्था 29 जून को रवाना होगा।