20 हजार रुपए नहीं देने पर व्यापारी की मील का लाइसेंस निरस्त करने की दे रहा था धमकी
जबलपुर। कटनी में एक आरईएस के इंजीनियर को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दबोचने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को नरसिंहपुर कृषि उपज मंडी में दबिश दी। जहां, मंडी सचिव बीके शुक्ला को रंगे हाथ हजारों रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। सूत्रों के अनुसार एक मील व्यवसायी की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस की टीम कृषि उपज मंडी पहुंची। रंग लगे नोट को रिश्वत के रूप में मंडी सचिव को दिया। जैसे ही मंडी सचिव ने रकम लेकर अपनी टेबिल के नीचे रखा, वैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तत्काल सचिव के हाथ धुलाएं गए तो उनके हाथ से रिश्वत के नोट पर लगा रंग छूटने लगा।
हर अधिकारी स्टॉक चेक करते और रिश्वत मांगते
नरसिंहपुर कृषि उपज मंडी में राम कुमार अग्रवाल की दुकान है। सूत्रों के अनुसार अग्रवाल के पास फूटा मिल का लाइसेंस भी है। मंडी के कर्मचारी अक्सर उसकी दुकान में कभी भी जाकर स्टॉक चेक करते थे और लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी देते थे। एवज में रिश्वत की मांग करते थे। पिछले कई सालों से मंडी में पदस्थ सचिव उससे रिश्वत की रकम लिया करते थे। व्यापारी के मुताबिक इससे पहले सचिव के पद पर पदस्थ रहे एआर विजयवर्गीय को भी उसने 50 हजार रुपए की रिश्वत दी थी। विजयवर्गीय फिलहाल रतलाम में पदस्थ है।
सचिव हर किस्त में बढ़ा रहे थे रिश्वत की रकम
नरसिंहपुर में मंडी सचिव के पद पर कुछ दिन पहले ही बीके शुक्ला पदस्थ हुए है। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद व्यापारी की दुकान का स्टॉक चेक किया। गड़बडिय़ां बताई और उन्हें छिपाने के लिए रिश्वत मांगी। व्यापारी ने सचिव को पहले 2 हजार, फिर 5 हजार और उसके बाद १० हजार रुपए नगद दिए। लेकिन सचिव की मांग हर बार बढ़ती चली गई। इससे परेशान होकर व्यापारी ने मंडी सचिव के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस को शिकायत सौंपी।
लोन लेकर लगाया है प्लांट
गल्ला व्यापारी रामकुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना के तहत एक करोड़ रुपए का लोन लेकर फूटा प्लांट लगाया है। इस प्लांट में प्रतिदिन 8 टन फूटा का उत्पादन होता है। लेकिन अधिकारियों द्वारा रिश्वत के लिए दबाव बनाए जाने से युवा उद्यमी के हौसले टूटने लगे थे। परेशान होकर व्यापारी ने लोकायुक्त में मंडी सचिव के खिलाफ शिकायत दी। उसकी शिकायत पर लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए मंडी सचिव को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।