जबलपुर

Manipur violence: मेडिकल पीजी स्टूडेंट की गुहार, मुझे मां- बहन के पास जाना है, पेनाल्टी के 30 लाख नहीं दे सकता

Manipur violence: मणिपुर के मेडिकल पीजी स्टूडेंट ने सीट छोडऩे की पेशकश पर लगाई गई 30 लाख की पेनाल्टी को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है।

2 min read
Apr 09, 2025

Manipur violence: मणिपुर के मेडिकल पीजी स्टूडेंट ने सीट छोडऩे की पेशकश पर लगाई गई 30 लाख की पेनाल्टी को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है। उसने बताया कि हिंसा की वजह से उसे घर पर अकेली मां-बहन की चिंता हो रही है। उन्हें मेरी जरूरत है, पढ़ाई छोडकऱ उनके पास जाना चाहता है। लेकिन पेनाल्टी की राशि नहीं जमा कर सकता। याचिका पर मंगलवार को चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई।

Manipur violence: सीट छोडऩे पर लगाई गई है पेनाल्टी, हाईकोर्ट में याचिका दायर

याचिकाकर्ता डॉ. थोंगम याइफाडा सिंह निवासी इंफाल मणिपुर ने याचिका दायर कर बताया कि ऑल इंडिया ओबीसी कोटे से उसे 2022-23 में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में सीट आवंटित की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने बताया कि याचिकाकर्ता मणिपुर के हिंसाग्रस्त इम्फाल के इलाके से ताल्लुक रखता है। वहां उसकी मां और बहन निवास कर रही हैं, जबकि वह सागर मेडिकल कॉलेज में है। मां-बहन को उसकी जरूरत है और वह उनके पास लौटना चाहता है। इसलिए वह एमडी साइकोलॉजी की सीट छोडऩे का फैसला किया है।

Manipur violence: बॉंड का हवाला देते हुए पेनाल्टी

जब इसकी जानकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दी तो उन्होंने बॉंड का हवाला देते हुए पेनाल्टी के रूप में 30 लाख रुपए जमा करने के लिए कहा, यह भी बताया कि यह राशि जमा किए जाने के बाद ही उसके दस्तावेज वापस मिलेंगे। इस सम्बंध में शासन स्तर पर भी आवेदन किया लेकिन कोई राहत नहीं मिली। डॉ थोंगम ने याचिका दायर कर सरकार के बॉंड नियम को चुनौती देते हुए अपनी स्थिति का हवाला दिया है। उसने बिना पेनाल्टी राशि जमा कराए परिस्थिति पर विचार कर दस्तावेज दिलाए जाने की मांग की है। इस पर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सम्बंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अभी इस मामले में आदेश की प्रतीक्षा है।

Also Read
View All

अगली खबर