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चलती ट्रेन में महिला ने लगा ली फांसी, हबीवगंज-रीवा ट्रेन नंबर 11703 के बाथरूम में महिला ने लगाई फाँसी,
एक महिला के लिए ट्रेन का यह सफर मौत का सफर बन गया। जिंदगी की जददेजहद से पूरी तरह निराश हो चुकी इस महिला ने खुद ही अपने जीवन का अंत कर लिया। उसने मौत को गले लगाने के लिए ट्रेन का कोच चुना। महिला की लाश लेेकर ट्रेन कई किमी तक दौड़ती रही। जानकारी मिलने के बाद ट्रेन को स्टेशन पर खड़ी कर महिला का शव निकाला गया। ट्रेन में सुसाइड करने का यह मामला हबीवगंज-रीवा- ट्रेन नंबर 11703 में हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रेन कोच के बाथरूम में घुसकर एक महिला ने फाँसी लगा ली। ट्रेन जब कटनी स्टेशन पर आई तो पुलिस ने कोच में घुसकर शव की तलाशी ली। ट्रेन में मौजूद लोग बंद दरवाजे के बाहर से झांकने का प्रयास करते रहे, वहीं कुछ लोग वीडियो भी बनाते नजर आाए। शव बाहर आने के बाद सभी ने मोबाइल से वीडियो बनाए और घटना को शेयर भी किया।
मौके पर जांच करने पहुंची जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने महिला का शव बरामद किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की तैयारी की। हबीवगंज से रीवा जा रही ट्रेन के विकलांग कोच में यह महिला यात्रा कर रही थी। यात्रियों के अनुसार महिला इस कोच के बाथरूम में घुसी और बहुत देर तक बाहर नहीं आई। कई बार दरवाजे पर दस्तक देने के बाद भी वह बाहर नहीं निकली और न ही कोई प्रतिक्रिया दी तब यात्रियों को कुछ आशंका हुई। महिला ने बाथरूम में जाकर एक कपड़े से खुद को फांसी लगाई थी।
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त्योहार की रात बन गया था तनावपूर्ण माहौल, शांति की अपील काम आई, दिखी सौहाद्र्र की मिठास
शहर ने एक बार फिर सद्भाव की मिसाल पेश की। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर दशहरा और मोहर्रम शांतिपूर्वक ढंग से सम्पन्न हुए। शनिवार देर रात हल्के बल प्रयोग की नौबत आई थी, लेकिन अधिकारियों की सूझबूझ से सम्भल गई। वहीं शाम को जुलूस के दौरान एक बार फिर तनाव की स्थिति टल गई, जब समुदाय के पदाधिकारियों ने प्रशासन के सहयोग की अपील की।
दशहरा चल समारोह के दौरान शनिवार रात गढ़ा फाटक स्थित एक समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए रात एक बजे कोतवाली थाने के समाने धरना दे दिया।
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बैनर लगाने पर दो पक्षों में मारपीट, हंगामा, बल तैनात
बैनर लगाने की बात पर बरेला में रविवार को दो पक्षों मारपीट हो गई। इससे वहां भगदड़ मच गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जानकारी के अनुसार बरेला में एक स्थान पर बैनर लगा था। वहां एक कमेटी द्वारा लंगर का आयोजन किया गया था। कमेटी के लोगों ने बैनर पर अपना बैनर लगा दिया। बैनर ढंकने की जानकारी मिलते ही दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों में विवाद हुआ। फिर मारपीट शुरू हो गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर पथराव भी किया। हालांकि पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को संभाल लिया। तनाव की स्थिति बनने पर मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
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दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष को लगी गोली, मौके पर मौत, विसर्जन जुलूस के दौरान साथी ने किए थे हवाई फायर
कटंगा के पास रविवार को एक दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष को गोली लग गई। घटना उस वक्त हुई, जब समिति का एक अन्य अध्यक्ष फायरिंग के बाद माउजर में फंसी गोली निकाल रहा था। गोली अध्यक्ष के पेट में जा धंसी। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात में उसकी मौत हो गई। गोरखपुर पुलिस सोमवार को शव का पीएम कराएगी।
गोरखपुर थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल ने बताया कि रामनगर रामपुर निवासी शैलेन्द्र बर्मन (३४) गणेश दुर्गोत्सव समिति का अध्यक्ष है। समिति के पदाधिकारी रविवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए ले जा रहे थे।
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रामलीला समेत दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन कर जन सैलाब ने लगाए माता के जयकारे, मां अम्बे की विदाई बेला में श्रद्धालु भाव विभोर
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, लक्ष्मण और हनुमान की जीवंत झांकियों ने मन मोह लिया। रावण के अट्टाहास ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। मौका था रविवार को आयोजित कांचघर दशहरा चल समारोह का। गिरजाशंकर रामलीला समिति की अगुवाई में शुरु हुए चल समारोह में भगवान श्री राम और रावण का युद्ध भी लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहा। रांझी, गोकलपुर, अधारताल, गढ़ा सहित अन्य उपनगरीय क्षेत्रों के चल समारोहों में जनसैलाब उमड़ पड़ा।
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कर्बला में ताजिये हुए ठंडे, दिखी कौमी एकता
शहादत के पर्व मुहर्रम का रविवार को समापन हो गया। रानीताल कर्बला में सवारी व ताजिये ठंडे किए गए। इस अवसर पर कौमी एकता, साम्प्रदायिक सद्भाव की मिसाल देखने मिली। हिन्दू समाज ने भी श्रद्धा, अकीदत के साथ सवारियां रखीं और लंगर तकसीम किया। दोपहर की नमाज के बाद नगर के सभी अंचलों से सवारी, ताजियों के जुलूस निकलना शुरू हो गए थे। वाहनों से इमाम अली मुकाम का लंगर तकसीम किया गया। गश्त करते हुए जुलूस रानीताल कर्बला पहुंचा। हजारों जायरीन ने ज्यारत की व भावभीनी विदाई दी।
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