
matrimonial sites : साइबर ठगों ने मेट्रीमोनियल साइट को भी ठगी का जरिया बना लिया है। वे युवक-युवतियों की फर्जी तस्वीरें और प्रोफाइल साइट्स पर अपलोड करते हैं। इन प्रोफाइल को लाइक करते ही ठगी का खेल शुरू हो जाता है। पहले पंजीयन के नाम पर रुपयों की मांग की जाती है। फोन पर बात कराने के लिए अलग से फीस ली जाती है। फोन पर बात भी फर्जी लोग ही करते है। वे मोबाइल पर ही बात करते हैं।
रिश्ता तय नहीं होने पर जमा की गई फीस वापस मांगे जाने पर साइट्स के ऑपरेटर्स यह कहकर फीस लौटाने से इंकार करते हैं कि यह कपनी की पॉलिसी है। पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर कुछ रुपए वापस देकर मामला शांत कर दिया जाता है।
मेट्रीमोनियल साइट पर एक युवक ने स्वयं को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया में डिवीजनल इंजीनियर और पिता को प्रोजेक्ट डायरेक्टर बताकर फोन पर एक युवती के पिता से शादी करने के लिए बात की। शादी तय होने पर उनसे 86 हजार 700 रुपए ले लिए। ठगी का पता चलने पर अधारता थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने वर्ष 2024 में आरोपी पर प्रकरण दर्ज किया।
रायसेन निवासी नितिन पाल ने मेट्रीमोनियल साइट पर बायोडाटा अपलोड किया। लखनऊ निवासी युवती को बताया, वह रक्षा मंत्रालय में काम करता है। उसने फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर भी भेजा। विवाह तय होने पर युवती को बताया, उसका एक्सीडेंट हो गया है। रुपयों की मांग करने पर युवती ने उसे 4.61 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद नितिन ने बातचीत करना बंद कर दिया। लखनऊ पुलिस ने पिछले साल आरोपी को सिविल लाइंस के होटल से गिरतार किया था।
विश्वसनीय मेट्रीमोनियल साइट पर ही पंजीयन कराना चाहिए। कई साइट युवक-युवतियों की फर्जी तस्वीरें दिखाकर रुपए ऐंठती हैं। कई बार ठगी की बड़ी वारदातों को इनके जरिए अंजाम दिया जाता है।