जबलपुर

यहां के कोविड सेंटर के बहुत बुरे हाल हैं मंत्रीजी! आपने बात भी की तो होमआइसोलेट मरीज से, इससे व्यवस्था कैसे सुधरेगी

जबलपुर में मंत्री विश्वास सारंग ने की कोरोना संक्रमण के इलाज की व्यवस्थाओं की समीक्षा, लोगों का आरोप अधिकारियों ने असल तस्वीर नहीं दिखाई  

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Sep 24, 2020
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जबलपुर। लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच मप्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने जबलकपुर शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। कलेक्ट्रेट कार्यालय में अफसरों और मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स के साथ बैठक की। इसमें कहा कि सिस्टम में विश्वास की कमी है। इसे दूर करने के लिए हरसम्भव प्रयास करें। सीनियर डॉक्टर कोविड वार्ड का भ्रमण कर मरीजों की निगरानी करें। जूनियर डॉक्टर्स को मार्गदर्शन दें। सभी व्यवस्थाएं सुधार लें। सारंग ने अगले सप्ताह फिर से शहर आने और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए कहा। उन्होंने दमोहनाका स्थित करोना कमांड एंड कोविड कंट्रोल सेंटर में कोरोना की रोकथाम के संबंध में की गईं तैयारियों को देखा। होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड मरीज से वीडियो कॉल के जरिए स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस पर आम लोगों को कहना है कि असल में मंत्री को शहर के अफसरों ने कोविड सेंटर की सही तस्वीर दिखाई ही नहीं। वरना, उन्हें पता चलता कि जबलपुर शहर के कोविट सेंटर की हालत बद से बदतर है।
देरी होने के कारण नहीं किया निरीक्षण
चिकित्सा शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के एससीएस सुलेमान शाम को मेडिकल कॉलेज पहुंचे। डॉक्टर्स की बैठक ली। इसमें मंत्री ने कोविड मरीजों के इलाज की जानकारी ली। डीन डॉ. पीके कसार ने आरटीपीसीआर टेस्ट, ऑक्सीजन, बिस्तर की उपलब्धता के साथ कमी से सम्बन्धित जानकारी दी। इस पर मंत्री ने आवश्यक मेन पावर उपलब्ध कराने की कार्रवाई के आदेश दिए। उपलब्ध मेन पावर का सही उपयोग करके व्यवस्था सुधारने के लिए कहा। प्रत्येक स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। डॉक्टर्स को टीम भावना से काम करने के लिए कहा। कोविड-19 के इलाज व रोकथाम के लिए मेडिकल स्टाफ का नए सिरे से रोस्टर बनाने, मरीजों के परिजनों से वीडियो कॉल के माध्यम से बात कराने व हेल्प डेस्क सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए।

Published on:
24 Sept 2020 08:53 pm