पिता ने बनाया बेटी को शिकार, माँ ने देखा तो पंहुचा दिया जेल
जबलपुर। मानसिक विकृति और उसके दुष्परिणामों से जहां समाज में अविश्वास पैदा हो रहा है, वहीं परिवारों में भी अटूट कहे जाने वाले रिश्ते टूट रहे हैं। आज पिता बेटी का, भाई बहन का और रिश्तेदार बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में बच्चियां अब घर और बाहर दोनों जगह असुरक्षित हो गई हैं। मामला जबलपुर जिले का है। जहां एक पिता ने अपनी बेटी को ही हवस का शिकार बना लिया। जब उसकी मां ने देखा तो वह बेहोश हो गई। मामला पुलिस से होकर अदालत पहुंचा, पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
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जिला अदालत का फैसला
जिस पर संरक्षण का जिम्मा
उसी ने लूटी बेटी की आबरू
दुष्कर्मी पिता को आजीवन कारावास
जिला अदालत ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने आरोपी के कृत्य को पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित करने वाला निरुपित किया। विशेष न्यायाधीश आरपी सोनी की कोर्ट ने जुर्माने के 10 हजार रुपए बतौर प्रतिकर पीडि़त को देने का निर्देश दिया।
यह है मामला
विशेष लोक अभियोजक स्मृतिलता बरकड़े के अनुसार संजीवनी नगर थाना क्षेत्र निवासी महिला ने आरोपी से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से आरोपी की दो बेटियां थी। 19 अप्रैल 2017 की रात 12.30 बजे महिला की नींद टूटी तो अवाक रह गई। आरोपी अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म कर रहा था। उसने पति के कुकृत्य का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे और बेटी को जान से मारने की धमकी दी। पूछने पर बेटी ने बताया कि पिता पिछले दो महीने से उसके साथ बलात्कार कर रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भादंवि के तहत दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का प्रकरण दर्ज किया। कोर्ट में पांच गवाहों ने घटना की पुष्टि की। अभियोजन की ओंर से तर्क दिया गया कि आरोपी पर नाबालिग बेटी के संरक्षण की जिम्मेदारी थी। इसके बावजूद उसने पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित किया। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।