जबलपुर

ऐसा हुआ चमत्कार जब पेड़ से धुआं निकलते देख काटी टहनियां, तो निकलने लगीं आग की लपटें

पेड़ से निकलने रहा था धुआं, प्रशासन ने जैसे जैसे काटा निकलने लगी आग, लोगों ने कहा चमत्कार, देखें वीडियो

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ऐसा हुआ चमत्कार जब पेड़ से धुआं निकलते देख काटी टहनियां, तो निकलने लगीं आग की लपटें

जबलपुर/ मध्य प्रदेश के जबलपुर में वर्षों पुराना इमली का पेड़ कोतुहल और चर्चा का विषय बना हुआ है। पेड़ के भीतर से बीते दो दिनों से धुआं उठ रहा था, जो जिसके चलते पेड़ के आसपास से गुजरने वाले लोग खासे डरे हुए थे। कोई इसे दैवीय प्रकोप बता रहा था तो कोई प्राकृतिक क्रिया, तो कई इसे असामाजिक तत्वों की शरारत मान रहा है। हालांकि, जितने मुंह उतनी चर्चा। लेकिन, ये भी सत्य है कि, अंधविश्वास कहो या डर दो दिनों पहले तक जिस पेड़ के नज़दीक लोगों का जमावड़ हुआ करता था, आज लोग उस स्थान के नजदीक से भी नहीं गुजर रहे हैं।


आग की तरह फैली घटना

शहर के ग्वारीघाट रोड पर लगे सालों पुराने इस पेड़ के नजदीक रहने वाले लोगों के मुताबिक पिछले दो दिनों से पेड़ से धुआं निकल रहा था। आश्चर्य से भरे कई लोग इसे इसे प्राकृतिक क्रिया मानकर दूरी बनाते नजर आए। देखते ही देखते धुएं का गुबार बढ़ा और अचानक पेड़ में आग लगने लगी। घटना की चर्चा काफी तेजी से फैलने लगी।

टहनियां काटकर डाला गया पानी, फिर भी...

घटना की जानकारी नगर निगम और दमकल विभाग को भी लगी। दोनो ही अमले अपने साजो सामान के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। फिर किया गया आग बुझाने का प्रयास। शुरुआत में पेड़ पर पानी डाला गया, जिसके कोई फायदा नहीं हुआ, धुआं बराबर पेड़ के भीतर से निकलता रहा। फैसल लिया गया कि, जिस ओर से धुआं उठ रहा है। उस ओर की टहनियां काट दी जाएं। पेड़ की टहनियां काटकर एक बार फिर दमकल द्वारा पानी की बौछार की गई। टीम के मुताबिक, पेड़ से धुआ उठना पूरी तरह बंद हो चुका था, कुछ घंटों के बाद एक बार फिर पेड़ के भीतर से धुआं उठने लगा, जिसमें आग भी नजर आ रही थी। इसके बाद नगर निगम द्वारा फैसला लिया गया कि, आग पर काबू पाने के लिए पेड़ काट दिया जाए।


धुआं निकलना बंद नहीं हुआ तो मजबूरन काटना पड़ा पेड़

फिलहाल, नगर निगम द्वारा इमली का पेड़ काट दिया गया है। फिलहाल, अब तक इस बात की पुष्टी भी नहीं है कि, पेड़ में आग किसने लगाई और ना ही आग लगने के कारणों का पता लगा है। लेकिन, पुलिस का कहना है प्रारंभिक जांच में सामने आया कि, ना तो ये कोई प्राकृतिक घटना है और ना ही कोई दैवीय प्रकोप बल्कि ये किसी असामाजिक तत्वों द्वरा पेड़ के निचले हिस्से में जान बूझकर लगाई गई आग है।

Published on:
20 Jan 2020 06:52 pm
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