जबलपुर

महंगे मिशनरी, प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहे ये सरकारी स्कूल, खूबियां इतनी कि देखते रह जाओगे

तीन साल पहले बने स्मार्ट सेटअप का कोरोना काल में हो रहा बेहतरीन उपयोगखुद का ऐप, सैकड़ों वीडियो लेक्चर! हाइटेक तरीके से करा रहे हैं पढ़ाई

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Oct 03, 2020
missionaries, private schools

जबलपुर। स्कूल का खुद का ऐप, सोशल मीडिया चैनल, सैकड़ों विभिन्न विषयों के एचडी वीडियो लेक्चर, हजारों पीडीएफ नोट्स के साथ रोजाना असाइनमेंट, ऑनलाइन टेस्ट जैसी अत्याधुनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई हो रही हो। ऐसी पढ़ाई जबलपुर स्मार्ट सिटी के स्कूलों में कराई जा रही है। एक हजार से अधिक छात्र अध्ययन कर रहे हैं। 30 मार्च 2018 को स्कूलों का सुदृढ़ीकरण किया गया था। उस समय सोचा नहीं होगा कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान यह हाईटेक व्यवस्था कितनी कारगार साबित होगी।

500 वीडियो लैक्चर हुए तैयार- 13 विषय शिक्षकों की टीम ने कोरोना काल में 500 से अधिक वीडियो लैक्चर स्टूडियो में तैयार किए। हर सप्ताह करीब 35 से 40 वीडियो लैक्चर तैयार कर रोजाना अपलोड किए जा रहे हैं।

ये स्कूल-
ऐसे स्कूलों में नगर निगम एलएन यादव हायर सेकंडरी स्कूल, ननि कन्या हायर सेकंडरी स्कूल गोविंदगंज, ननि कन्या उमावि घमापुर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद हायर सेकंडरी स्कूल ग्वारीघाट, ननि
हायर सेकंडरी तिलवाराघाट शामिल हंै। गोविंदगंज स्कूल कंटोनमेंट एरिया में है।
कोरोना काल में इस तरह उपयोग- कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों की पढ़ाई कराने के लिए खुद का एप तैयार किया गया। अब इसका दायरा जेएमसी शहर के अन्य स्कूलों तक करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए वर्किंग प्लान भी तैयार किया जा रहा है।

कोरोना संक्रमण काल के दौरान पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए कुछ नए प्रयोग किए हैं। पीडीएफ नोट्स, वीडियो लैक्चर के साथ ही आनलाइन असाइनमेंट टेस्ट जैसी सुविधा शुरू की गई है।
- बीना वर्गीस, शिक्षा अधिकारी ननि

स्मार्ट सिटी के तहत पहले चरण में कुछ स्कूलों में आधुनिक व्यवस्थाएं जुटाई गईं थीं। अब इसका बेहतर उपयोग हो रहा है। इसे कैसे और बढ़ाया जाए, इस पर भी हम प्रयास कर रहें हैं। नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही हम शिक्षा पर भी फोकस कर रहे हैं।
- अनूप कुमार सिंह, निगमायुक्त ननि

Published on:
03 Oct 2020 12:00 pm
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