
जबलपुर. मानसून के ब्रेक बाद जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का इंतजार है। नमी के प्रभाव और बादलों से आसमान ढंका है, लेकिन हवा के दबाव की कमी से बारिश नहीं हो पा रही है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार 10 अगस्त के बाद ट्रफ लाइन को यूपी से वापस होने पर बारिश की सम्भावना है। गुरुवार सुबह बादलों के बीच थोड़ा सा सूरज नजर आता कभी छिप जाता है। हालांकि हवाओं में ठंडक बनी हुई है। उम्मीद है कि दोपहर बाद बारिश हो सकती है।
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सेंट्रल इस्ट यूपी में लो प्रेशर का भी असर नहीं
मानसून पर ब्रेक, शहर में बारिश के लिए ट्रफ लाइन का इंतजार
10 अगस्त के बाद ट्रफ लाइन के वापस होने का पूर्वानुमान
एक सप्ताह पहले तक ट्रफ लाइन मप्र के ऊपर थी तो बारिश में कमी की भरपाई हो सकी। इन दिनों ट्रफ लाइन नेपाल के पास यूपी में हैं। ट्रफ लाइन वापस होकर मप्र आएगी तो मानसून का सिस्टम बनेगा। ट्रफ लाइन मप्र में अगर मप्र में होगी तो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाले सिस्टम को भी प्रभावित करते हुए बारिश का सिस्टम बनाएगी। यूपी के ऊपर बने लो प्रेशर से दमोह, खजुराहो, सतना, शहडोल एरिया में दो दिन तक अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है, लेकिन जबलपुर में इसका असर होने की सम्भावना कम है। फिलहाल मप्र में मानसून को कोई सिस्टम नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में बारिश का रेकॉर्ड सामान्य से चार प्रतिशत अधिक है। जबकि, शहरी क्षेत्र की बारिश कम हुई है।शहर में बुधवार को कुछ क्षेत्रों में रिमझिम बारिश हुई। उसके बाद गर्मी और उमस से परेशानी हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार मौसम में बदलाव के संकेत नहीं मिल रहे हैं। कम बारिश होने पर मौसम का मिजाज गर्मी और उमस वाला रहेगा। तिलवाराघाट, बाजनामठ एवं आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई जबकि, तमाम स्थानों पर रिमझिम बारिश भी नहीं हुई। मौसम विभाग अधारताल में यह बारिश रेकॉर्ड नहीं हुई क्योंकि उस क्षेत्र में बारिश नहीं हुई। सीजन में कुल बारिश 466.4 मिमी हो गई है। अधिकतम तापमान 30.1 एवं न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई। सुबह की आद्र्रता 87 और शाम की आद्र्रता 66 प्रतिशत रही। पश्चिमी हवा की औसत रफ्तार 4-5 किमी प्रति घंटा रही।
पूर्वी मप्र खासकर जबलपुर में बारिश का कोई सिस्टम नहीं है। 10 अगस्त के बाद यूपी से ट्रफ लाइन को वापस होने का पूर्वानुमान है। ट्रफ लाइन जहां होती है, वहां अच्छी बारिश होती है।
वेद प्रकाश सिंह, वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल