- काले बादलों के मंडराने और हवा में नमी से लुढक़ा पारा, उमस और गर्मी से बेचैन लोगों को राहत
जबलपुर. मॉनसून ट्रफ लाइन के ऊपर बने रहने से सोमवार को काले बादल मेहरबान हुए। सुबह से आसमान मेंं मंडरा रहे बादल दोपहर को जमकर गरजे। उसके बाद झमाझम बरसें। मौसम विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक सहायक देवेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार वर्तमान में में पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में उत्तरी ओडिशा तट के पास निम्न दाब क्षेत्र सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम झुकाव के साथ चक्रवात फैला हुआ है। मॉनसून ट्रफ लाइन फ़ालोदी, अजमेर, गुना, जबलपुर और चाम्पा होते हुए निम्न दाब क्षेत्र तक विस्तृत है। मौसम में परिवर्तन से पूर्वी एवं पश्चिमी मध्यप्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अतिरिक्त उत्तरी महाराष्ट्र के तट पर एक चक्रवात है। इनके प्रभाव से सोमवार को शहर में बारिश हुई। मंगलवार को शहर में वर्षा की सम्भावना है। सम्भाग में कहीं-कहीं आकाशीय विद्युत चमक या गिरने का अनुमान है। गरज-चमक के साथ बौछार पड़ सकती है।
कई दिनों से उमस और चिपचिपी गर्मी से बेचैन लोगों के लिए पानी की बूंदें राहत बनकर टपकीं। रुक-रुक कर तीन से चार किस्त में वर्षा हुई। तेज बारिश की बूंदें शहर में कहीं-कहीं ज्यादा और कहीं कम पड़ी। बारिश के बाद भी बादलों की हलचल से पारे में नरमी आयी। नमी बढऩे से हवा में शीतलता आ गई। शाम को मौसम सुहाना बना रहा।
अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान में रविवार को करीब आधा डिग्री की गिरावट आयीं। यह 30.9 डिग्री सी रेकॉर्ड हुआ। सामान्य के बराबर बना रहा। न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सी दर्ज हुआ। यह सामान्य से दो डिग्री ज्यादा बना रहा। आद्र्रता सुबह के समय 92 प्रतिशत और शाम को 89 प्रतिशत रहीं। उत्तर-पश्चिम 2-3 किमी प्रति घंटा की औसत गति से चलीं। शाम 5.30 बजे तक 4.2वर्षा रेकॉर्ड की गई है। सीजन में कुल वर्षा 1006.1 मिमी हो गई है।