- पन्ना केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष संजय नगायच ने दर्ज कराया था मामला- ग्वालियर की एमपी-एमएलए कोर्ट में चलेगा मुकदमा जबलपुर। मानहानि के मामले पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन को राहत नहीं मिली है। हाई कोर्ट से याचिका खारिज हो जाने के बाद अब उनपर एमपी-एमएलए कोर्ट ग्वालियर में मुकदमा चलेगा। हाई कोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि का सार्वजनिक अपमान करने वाली टिप्पणी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
यह मामला 2014 का है, जब तत्कालीन मंत्री बिसेन पन्ना दौरे पर गए थे और सार्वजनिक सभा को संबोधित किया था। इस दौरान तत्कालीन केंद्रीय सहकारी बैंक पन्ना के अध्यक्ष संजय नगायच को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। उस समय नगायच पर सहकारी बैंक में गड़बड़ी किए जाने का आरोप था। इसी को लेकर पूर्व मंत्री बिसेन ने सभा में अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया था। इस पर
इस पर नगायच ने उनपर मानहानि किए जाने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में परिवाद पेश किया था। इसे चुनौती देते हुए बिसेन ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर प्रकरण को निरस्त करने का आग्रह किया था।
सुप्रीम कोर्ट से हुई थी बहाली
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान संजय नगायच के अधिवक्ता ने बताया कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते उन पर कार्रवाई की गई थी। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जहां से अध्यक्ष के पद बहाली के साथ ही राज्य सरकार पर एक लाख रुपए की कास्ट लगाई गई थी। उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से टिप्पणी उन्हें अपमानित करने के इरादे से की गई थी।