
जबलपुर। बरगी हिल्स आइटी पार्क में नवनिर्मित क्षेत्र में भूमि आवंटन नहीं होने से नए निवेश को बढ़ावा नहीं मिल रहा। जबकि, बड़ी संख्या में आवेदक यहां निवेश के लिए आवेदन कर चुके हैं। मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआइडीसी) की ओर से नए निवेशकों को जमीन आवंटित की जाती है, तो दूसरी इंडस्ट्री यहां आएंगी। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बरगी हिल्स आइटी पार्क
नए निवेश को नहीं मिल पा रहा बढ़ावा
निवेशक इंतजार में, जमीन आवंटन पर रोक
करीब 65 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में बने आइटी पार्क में अभी लगभग 40 एकड़ में विकास कार्य पूरा हुआ है। यहां करीब 82 लोगों को आइटी क्षेत्र की इंडस्ट्री की स्थापना के लिए भूमि आवंटित हो चुकी है। इनमें पांच इंडस्ट्री भी शुरू हो चुकी हैं। 20 इंडस्ट्री निर्माणाधीन हैं। लेकिन, अब इस जगह पर नई इंडस्ट्री के लिए जगह नहीं है। इसलिए सामने की तरफ सिंचाई विभाग की 25 एकड़$ जमीन एमपीएसआइडीसी ने अधिग्रहीत की थी।
40 से ज्यादा आवेदन
नई जगह का विकास भी एमपीएसआइडीसी ने करवा दिया है, लेकिन यहां नए निवेशकों को भूमि आवंटन पर रोक लगी है। बताया जाता है कि इस जमीन के लिए अभी तक 40 आवेदन आ चुके हैं। लेकिन, इन्हें स्वीकृति नहीं मिली। यदि इन्हे भूमि का आवंटन होता है, तो शहर में नई आइटी इंडस्ट्री की स्थापना का रास्ता खुलेगा।
अभी तीन हजार लोगों को रोजगार
मौजूदा समय में आइटी पार्क एवं टेक्नोपार्क बिल्डिंग में करीब तीन हजार युवाओं को रोजगार मिला है। इनमें करीब तीन हजार डायरेक्ट तो एक हजार को अप्रत्यक्ष रूप से काम मिला है। ज्यादा संख्या में इंडस्ट्री चलेंगी, तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। नए क्षेत्र में भूमि का आवंटन भी रोजगार और निवेश बढ़ाने में सहायक साबित होगा।