जबलपुर

सोनम के बाद बेवफा निकली ‘खुशी’, सुहागरात के दिन कर गई बड़ा ‘खेला’

MP News: मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के इंद्र कुमार तिवारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है।

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Jun 30, 2025
फोटो- Kushinagar Police 'X'

MP News: मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में शिक्षक इंद्र कुमार तिवारी की हत्या के पीछे जो साजिश सामने आई है। वह हैरान कर देने वाली है। ये पूरा मामला एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ। जिसमें इंद्र तिवारी ने अपनी शादी न होने पर दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि उनके पास 18 बीघा जमीन होने के बावजूद उनकी शादी नहीं हो पा रही है, जिससे उनका वंश कैसे आगे बढ़ेगा।


वायरल वीडियो में ऐसा क्या कि हो गई हत्या


वायरल वीडियो में इंद्र कुमार तिवारी ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया था कि 18 बीघा जमीन होने के बावजूद उनकी शादी नहीं होगी तो उनकी संपत्ति का क्या होगा और वंश कैसे आगे बढ़ेगा। वायरल वीडियो 600 किलोमीटर दूर गोरखपुर में बैठी शाहिदा बानो (जिसने बाद में अपना नाम खुशी तिवारी बताया) के हाथ लगा। जिसके बाद प्रेमिका ने प्रेमी कौशल कुमार के साथ मिलकर एक खतरनाक साजिश रची।

कौशल कुमार जबलपुर पहुंचा और खुद को संदीप बताते हुए दावा किया कि खुशी उसकी बहन है और वह इंद्र से उसकी शादी कराना चाहता है। इंद्र, जो कि शादी के लिए पहले से ही परेशान थे। वह इस जाल में फंस गए।


कुछ ही समय बाद इंद्र को गोरखपुर बुलाया गया। इंद्र कुमार ने अपनी जमीन का कुछ हिस्सा गिरवी रखा और डेढ़ लाख रुपए के जेवर बनवाए। इसके बाद वह जबलपुर से गोरखपुर की ओर निकल गए। यहां पर तीनों एक किराए के मकान में साथ रहने लगे। यहां पर एक हलफनामा भी तैयार कराया गया, जिसमें इंद्र की मृत्यु के बाद उसकी सम्पत्ति का वारिस खुशी और भाई कौशल को बनाया। हलफनामे में साइन होते ही हत्या की साजिश रची गई।


5 जून को इंद्र और खुशी की एक निजी होटल में रस्में निभाकर शादी कर दी गई। जिसकी फोटो भी खिंचाई गई। रात को जब खाना दिया, तब पनीर राइस में नींद की गोलियां मिला दी गई। जिसे खाते ही इंद्र बेहोश हो गया। इसके बाद कार चालक शमसुद्दीन की मदद से इंद्र को कार में ले जाकर कुशीनगर के हाटा थाना इलाके में चाकू से हत्या कर दी गई और शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया।

6 जून को कुशीनगर पुलिस को अज्ञात शव बरामद हुआ। जिसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। 5 जून की रात से ही इंद्र के फोन बंद पाया था। परिजनों ने थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई। जबलपुर पुलिस के द्वारा कॉल डिटेल निकाली गई तो उसमें आखिरी लोकेशन यूपी के गोरखपुर में मिली। पुलिस खुशी उर्फ शाहिदा की खोजबीन करते हुए गोरखपुर पहुंच गई। यहां पर पुलिस को पता चला कि एक अज्ञात लाश कुशीनगर के हाटा क्षेत्र में मिली है।

हालांकि, कुशीनगर पुलिस ने शाहिदा बानो से खुशी तिवारी और कौशल कुमार से संदीप कुमार बने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। साथ ही कपल की मदद करने वाले शमसुद्दीन अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

Published on:
30 Jun 2025 07:54 pm
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