MP News: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने एमपी के जबलपुर से पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर तीखा वार किया। 121 जोड़ों का सामूहिक विवाह राजनीतिक और सामाजिक शक्ति का मंच बना।
MP News: जबलपुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जबलपुर से बंगाल पर निशाना साधा। कहा, कितनी बड़ी विडंबना है कि पश्चिम बंगाल में बंगाली असुरक्षित हैं। समय आ गया है कि जबलपुर की धरती से संदेश दिया जाए कि बंगाल मुसीबत में है, इसलिए वहां बदलाव होना चाहिए। यह सबकी जिम्मेदारी है कि बंगाल को कुशासन से मुक्त कराया जाए। नड्डा सिटी बंगाली क्लब के शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
उन्होंने कहा नेताजी सुभाषचंद्र बोस राष्ट्रभक्ति और त्याग की वे जीवित होते तो भारत का नक्शा बदला हुआ होता। तब के कांग्रेसियों ने विभाजन को स्वीकारा। परिणाम है कि आज बांग्लादेश, पाकिस्तान है। वंदेमातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने संसद में चर्चा कराई। कर्तव्य पथ पर सुभाष बाबू की मूर्ति लगाई गई। यूनेस्को में बंग दुर्गा पूजा को कल्चरल हेरिटेज, शांति निकेतन को वर्ल्ड हेरिटेज घोषित कराया।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) ऐसे व्यक्ति थे, जिनका एक वाक्य ही भारत को उद्वेलित कर देता था। कांग्रेस के जबलपुर अधिवेशन में वे अध्यक्ष बने, यह गौरव की बात है। काश! कांग्रेस ने इसे दोहराया होता, तो भारत का विभाजन नहीं होता। सिटी बंगाली क्लब संकल्प की मिसाल है। शताब्दी स्तंभ, नेताजी की प्रतिमा वीरता साहस शौर्य का स्मरण कराएगी। क्लब की इतनी ख्याति थी कि नेताजी यहां आए थे। सिटी बंगाली क्लब स्कूल-कॉलेज खोले, सरकार साथ है। बंगाल के बिना आजादी की कल्पना नहीं, लेकिन कांग्रेस ने कश्मीर में गलती की। बीजेपी ने गलती सुधारी।
जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के तहत सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया, जहां 121 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। इनमें 118 हिंदू और 3 मुस्लिम जोड़े शामिल रहे। कार्यक्रम में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (Union Minister JP Nadda) और मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। अलग-अलग धर्मों के अनुसार हुए विवाहों ने सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का संदेश दिया। नड्डा ने नवदंपत्तियों से विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की, जबकि मुख्यमंत्री ने वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर इसे सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बताया। (MP News)