हिमालय के तराई वाले इलाके की ओर हुई द्रोणिका शिफ्ट
जबलपुर। शहर में बीते सप्ताह तक बारिश करने वाले काले बादलों की खेप लौट गई है। कोई मानसूनी सिस्टम नहीं होने से झमाझम बारिश की उम्मीद भी करीब समाप्त हो गई है। मानसूनी ट्रफ लाइन हिमालय के तराई वाले इलाके की ओर शिफ्ट हो गई है। यह मानसून की विदाई का संकेत दे रही है। द्रोणिका के पोजीशन बदलने के साथ मौसम जिस तेजी से करवट ले रहा है, उससे इसी माह मानसून की विदाई का अनुमान लगाया जा रहा है। मौसम परिवर्तन के साथ हवा का रुख बदल रहा है। दिन में हल्के बादलों के मंडराने से अभी पारा नरम है। लेकिन अवसर मिलते ही सूरज बादलों के बाहर झांक रहा है, उमस और गर्मी बढ़ा रहा है। शाम ढलने के बाद नमी भरी हवा शीतलता बढ़ा रही है। देर रात को मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है। सोमवार को हल्के बादलों की आवाजाही बनी रही। बीच-बीच में सूरज ने तेवर भी दिखाए। इससे दोपहर को तापमान में वृद्धि के साथ हल्की उमस हुई। लेकिन शाम होते-होते तक काले बादल फिर उमड़ें। शीतल हवा चलने से मौसम खुशनुमा हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को अधिकतम तापमान बढकऱ 32.1 डिग्री सेल्सियस हो गया। यह सामान्य के बराबर रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री ज्यादा 23.4 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ। आद्र्रता सुबह के समय 85 प्रतिशत और शाम को 66 प्रतिशत थीं। उत्तर-पश्चिम हवा 2-3 किमी प्रतिघंटा की गति से चली।
बादलों की बेरुखी से कम बारिश
इस साल मानसूनी बादलों ने शहर में समय से पहले दस्तक दी। बार-बार उमडऩे-घुमडऩे के बावजूद बरसते वक्त गायब हो गए। पिछले साल सितंबर माह के आखिरी पखवाड़े तक मानसूनी बादल मेहरबान थे। इस बार बादलों की बेवफाई जाते-जाते भी जारी रही। इस माह कई बार काले बादल छाने के बावजूद जमकर नहीं बरसे। इससे सीजन में औसत बारिश का कोटा भी पूरा नहीं हुआ। कम बारिश के कारण धूप खिलते ही उमस और गर्मी से सामना हो रहा। मौसम विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक सहायक देवेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार शहर और सम्भाग में अभी अच्छी बारिश करने वाला कोई मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है। स्थानीय बादलों से हल्की-फुल्की वर्षा हो सकती है। द्रोणिका हिमालय की तराई की ओर शिफ्ट हो गई है। इस बार पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई का क्रम शुरू होने का अनुमान है। यह मंगलवार से शुरु हो सकता है। अगले महीने से ठंडी हवा आने का सिलसिला शुरू होने की सम्भावना है।