घंटों करते रहे प्रेमालाप
जबलपुर. नाग-नागिन का नाम सुनते ही हर कोई कांप उठता है। नाग-नागिन के जोड़े की तो अनेक किस्से-कहानियां हैं जोकि सभी को भयग्रस्त कर देते हैं। प्राय: नाग-नागिन द्वारा लोगों से बदला लिए जाने की बातें सामने आती रहती हैं। मणिधारी नाग-नागिन की बातें सुनने के लिए भी हर कोई बेकरार रहता है। इसके साथ ही नाग-नागिन का प्रेमालाप भी बहुत प्रसिद्ध है।
कहा जाता है कि सांपों की इस प्रजाति में घंटों तक प्रेमालाप चलता है। कुछ ऐसा ही नजारा बुधवार को शहर में भी नजर आया। इस अनूठे दृश्य को देखने लोगों की भीड़ लगी रही। बाद में किसी ने सर्पविशेषज्ञ को सूचित कर उसे मौके पर बुलाया ओर इस जोड़े को पकडकऱ सुरक्षित जंगलों में छोड़ दिया गया। अधारताल स्थित कृषि नगर कॉलोनी में एक प्रोफेसर के घर में सांपों का यह जोड़ा दिखा। सांपों का जोड़ा देखकर लोग भयभीत हो गए। चार घंटे तक सांपों का जोड़ा आंगन में अठखेलिया करता रहा । लोग इन सांपों को नाग-नागिन का जोड़ा समझकर इनकी अठखेलियां देखते रहे। यहां लोगों का हुजूम एकत्रित हो गया। इन खतरनाक सांपों को यूं खुले में देखकर हर कोई डर उठा। लोग इनसे खतरा महसूस करने लगे और इन्हें मारने पर उतारू हो गए। घर में अकेली महिला ने डंडा लेकर पहुंचे लोगों को सांपों को मारने से रोका और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस पहुंची ने सर्प विशेषज्ञों को बुलाकर रेस्क्यू करने में मदद की।
कुत्तों के भौंकने से चला पता
जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कीट शास्त्र विभाग के एचओडी डॉ. अशोक कुमार भौमिक के घर में मंगलवार दोपहर 3 बजे कुत्ते के भौंकने पर सांपों की मौजूदगी का पता चला। प्रोफेसर भौमिक की पत्नी एवं निजी स्कूल में प्राचार्य सीमा भौमिक ने बताया कि आंगन में 6-7 फीट के दो सांप देखकर वो घबरा गई। उन्होंने पुलिस और कुलपति डॉ. पीके बिसेन को सूचना दी।
विश्वविद्यालय के सिक्योरिटी गार्ड और पुलिस घर के बाहर पहुंची तो निजी सर्प विशेषज्ञों बुलाया गया। शाम 7 बजे रेस्क्यू हो हुआ। सांपों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया। हालांकि बाद में यह बात भी सामने आई कि जिन सांपों को लोग नागनागिन समझ रहे थे वे दरअसल दूसरी प्रजाति के थे। विशेषज्ञों ने बताया कि वे धामन प्रजाति के सांप थे।