- राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जबलपुर. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में शनिवार को प्रदेश भर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके जरिए सवा लाख से अधिक प्रकरणों का परस्पर सहमति से निराकरण किया गया। इनमें 74 हजार मामले प्रीलिटिगेशन के भी भी शामिल हैं।
यह जानकारी मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव राजीव कर्महे व अतिरिक्त सचिव मनोज कुमार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष प्रशासनिक न्यायाधीश शील नागू के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत को गति दी गई। इस बार न्यायालयों में लम्बित एक लाख 92 हजार 811 मामले समझौते के माध्यम से निराकृत करने के लिए रखे गए थे। इनमें 40 हजार से अधिक मामलों को निराकृत किया गया। चार अरब से अधिक का मुआवजा पारित किया गया।
प्रीलिटिगेशन के 74 हजार प्रकरण
इसके अलावा पांच लाख 47 हजार 391 प्रीलिटिगेशन प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए थे। इनमें से 76 हजार से अधिक मामले मौके पर समझाइश के जरिए निराकृत कर दिए गए। इस प्रक्रिया में 74 करोड़ से अधिक का मुआवजा वितरित किया गया। इस तरह राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे गए कुल सात लाख 40 हजार 202 मामलों में से सवा लाख के लगभग मामले निराकृत कर दिए गए। इस बार हाईकोर्ट की तीनों बेंच में 17 खंडपीठों के जरिए सुनवाई हुई। राज्य की अधिनस्थ अदालतों में 1337 खंडपीठों के माध्यम से लम्बे समय से चल रहे विवाद सुलझाए गए।
79 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि
जबलपुर के पुराना कंचनपुर निवासी रेलवे में लोको पायलट रहे धर्मेन्द्र सिंह की वर्ष 2020 में सडक़ दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद आवेदिका मृतक की पत्नी करुणा सिंह की ओर से सडक़ दुर्घटना बीमा राशि के लिए क्लेम किया गया था। शनिवार को लोक अलादत के जरिए मामले का निपटारा हो गया। जहां आवेदिका पत्नी को 79 लाख रुपए क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई।