जबलपुर की रजनी किरण झा यूके को मधुबनी आर्ट सिखाने पहुंची , अंग्रेजों को रंगोली बनाना भी सिखा रहीं हैं रजनी
जबलपुर। संस्कारधानी की एक आर्टिस्ट के हाथों के हुनर के अंग्रेज भी कायल हो गए हैं। यह कलाकार इन विदेशियों को उनके ही देश में जाकर भारतीय कला सिखा रही हैं। शहर में पली बढ़ी और कला की शिक्षा लेने वाली रजनी किरण झा ने यूके के लोगों को इंडियन आर्ट का मुरीद बना दिया है। वे वहां मधुबनी पेंटिंग, रंगोली आर्ट सिखा रही हैं। रजनी को वहां की काउंसिल ने इन कलाओ को सिखाने के लिए उन्हें विशेष रूप से बुलाया है।
अंग्रेजों ने दिखाई दिलचस्पी
रजनी बताती हैं कि यहां से पढ़ाई के बाद उन्हें दिल्ली में काम करने का मौका मिला। एक बार वे जयपुर गईं थी, जहां उन्होंने विदेशियों को पेंटिंग सिखाई थी। तब उनकी पेंटिंग को वहां के लोगों ने खूब सराहा था। तकरीबन एक साल बाद उन्हें यूके जाकर वर्कशॉप लेने का मौका मिला।
आर्टिस्ट भी हुए मुरीद
इस वर्कशाप में वहां के आर्टिस्ट्स में भी इस कला के लिए कुछ अलग ही रुझान नजर आया। रजनी के मुताबिक यह पहला अवसर है, जब फॉरनर्स उनसे उनके ही देश बुलवाकर आर्ट सीखने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मधुबनी आर्ट के लिए उनके सप्ताह भर की ट्रिप रखी गई है। विशेष बात यह है कि यह ट्रिप पूरी तरह यूके काउंसिल ने ही स्पॉन्सर की है।
रंगोली बनाना भी सिखाया
रजनी ने टेलीफोनिक कम्यूनिकेशन के जरिए बताया कि वहां के लोग इंडियन आर्ट को खूब पसंद कर रहे हैं। इंडियन ट्रेडिशन, कल्चर के बारे में जो भी वक्तव्य उन्होंने दिया, वहां के लोगों ने बखूबी सुना और अधिक से अधिक जानने में रुचि दिखाई। रजनी किरण ने विदेशियों को मधुबनी आर्ट के साथ ही बहुत बड़े गोलाकार में रंगोली भी बनाना सिखाया। वे बताती हैं कि कला की बारीकियां जबलपुर में रहकर ही सीखी है। शहर ने बहुत कुछ दिया है, अब उनकी बारी है, जिससे वे अपने शहर का नाम रोशन करेंगी।