
जबलपुर। प्रदेश सरकार ने गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजना शुरु की है। अब मध्य प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में गो-फिनायल (Cow Urine Phenyl) का इस्तेमाल होगा। मतलब साफ है कि अब सरकारी ऑफिसों में नामी कंपनियों के फिनायल के बजाय गो-फिनायल (Cow Urine Phenyl) का इस्तेमाल होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में विभाग प्रमुखों को आदेश जारी कर दिया है।
आदेश में कहा गया है कि शासकीय दफ्तर केमिकल युक्त फिनायल की जगह गोमूत्र (Cow Urine) से बने गो-फिनायल से साफ होंगे। आदेश में पंचायतों से लेकर मंत्रालय स्तर तक के सरकारी दफ्तरों में गो-फिनायल का इस्तेमाल करने की बात कही गई है। शिवराज सरकार के इस फैसले को गो-संवर्धन और गो-संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री गोसेवा योजना जिले में संचालित गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी। गोशालाओं व गो अभ्यारण्य केंद्रों में निर्मित गो—फिनाइल का उपयोग शासकीय कार्यालयों में किया जाएगा। गो शालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना कारगर साबित हो सकती है।