जबलपुर में वीआइपी मूवमेंट खत्म, भू, शराब और खनिज माफिया की सूची तैयार
जबलपुर। वीआइपी मूवमेंट खत्म होने के बाद अब जबलपुर जिला प्रशासन पुन: माफिया विरोधी अभियान तेज करेगा। इसकी शुरुआत मोहनिया से हो गई है। प्रदेश शासन की मंशा भी बड़े माफिया के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की है। प्राथमिकता में सरकारी जमीन पर कब्जा और निर्माण करने वाले भू-माफिया हैं। शराब माफिया और खनिज माफिया की भी सूची बना ली गई है। इसमें 20 से ज्यादा नाम शामिल हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कई जगहों पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और रेत के अवैध उत्खनन की शिकायतें प्रशासन के पास आई हैं। नर्मदा नदी के तटों पर रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। खनिज विभाग ने हाल ही में ललपुर में 15 नाव पकड़ी थीं। जनसुवाई में हिरण नदी से हाईफाई डिवाइस के जरिए रेत चोरी करने की शिकायतें आ रही हैं।
रुक गई थी कार्रवाई
जबलपुर में राष्ट्रपति और देशभर से न्यायाधीशों के आगमन के कारण प्रशासनिक अमला उनके कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटा था। इसलिए माफिया विरोधी कार्रवाई रोक दी गई थी। कार्यक्रम अब समाप्त हो चुका है। इसलिए पुन: माफिया विरोधी अभियान शुरू किया जा रहा है। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में शेष कार्रवाई को अंजाम देने के निर्देश दिए हैं। आखिरी बड़ी कार्रवाई गौर पुल के पास हुई थी। अगस्त 2020 से जनवरी 2021 तक 120 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन कब्जा मुक्त कराई गई या उन पर जमे अतिक्रमण हटाए गए। गोरखपुर तहसीलदार अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि अंधमूक बायपास के पास एक व्यक्ति ने रातोंरात सरकारी नाले की 22 वर्गफीट जमीन पर टीन शेड बना लिया था। बिजली का कनेक्शन भी हो गया था। मीटर लगना शेष था। अवैध निर्माण को हटा दिया गया। उन्होंने बताया कि जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपए है। ऐसे करीब तीन-चार स्थानों पर कार्रवाई की जानी है।
मोहनिया में कई को नोटिस रांझी तहसील के ग्राम मोहनिया में बाहरी लोगों ने हजारों वर्गफीट सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। पक्के मकान भी बना लिए हैं। रांझी तहसीलदार श्याम नंदन चंदेले ने 10 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इन्हें जल्द हटाया जा सकता है। यहां आठ मार्च को छह 6 हजार वर्गफीट जमीन से कब्जा हटाया गया था।
अब तक हुई कार्रवाई
माह : मुक्त जमीन की कीमत
अगस्त, 2020 : 5.53
सितंबर, 2020 : 02
नवंबर, 2020 : 15
दिसंबर, 2020 : 40
जनवरी, 2021: 58
(नोट : कीमत करोड़ रुपए में)