अब बिजली गुल होने की नहीं होगी समस्या, सुरक्षा संस्थानों को भी मिलेगी बिना रूकावट के बिजली, ट्रांसमिशन कंपनी ने तैयार किया रोडमेप, ५ करोड़ की आएगी लागत फोटो-निर्माण कार्य का अवलोकन करते एमडी एवं अन्य अधिकारी
जबलपुर।
शहर के एक तिहाई अबादी को बिजली की दोहरी सप्लाई का लाभ मिलेगा। अब किसी भी अप्रिय स्थिति में उपभोक्ताओं को बिजली गुल रहने जैसी समस्याओं का सामन नहीं करना पड़ेगा। बिजली जाने के बाद कुछ ही मिनिटों में दूसरी वैकल्पिक सप्लाई शुरू हो जाएगी। ट्रांसमीशन कंपनी ने कुछ एेसी ही तैयारी विनोबाभावे फीडर से शुरू की जा रही है। इसका लाभ शहर के महत्वपूर्ण सुरक्षा संस्थानों के साथ ही वीआईपी क्षेत्रों को भी मिलेगा। इस काम के लिए एक अलग से लाईन बिछाने का काम शुरू किया जा रहा है। एक साल के अंदर डबल सप्लाई को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। ट्रांसमिशन कंपनी के 132 केवी सब स्टेशन विनोबा भावे को अति उच्चदाब सप्लाई का एक और विकल्प उपलब्ध करवाने ट्रांसको ने कार्य करना शुरू किया गया है।
वीएफजे के लिए तैयार किया जा रहा टॉवर
बताया जाता है दोहरी सप्लाई व्यवस्था से वीकल फैक्टरी जबलपुर, गन गैरज फैक्टरी जैसे सुरक्षा संस्थानों को भी फायदा होगा। व्हीकल फैक्टरी में इसके लिए टॉवर लगाने का काम शुरू किया जा रहा है। इसके लगने से सुरक्षा संस्थानों को भी प्रोडेक्शन के लिए निर्वाध बिना रूकावट के बिजली मिल सकेगी। 132 केवी सब स्टेशन व्हीकल फैक्टरी में चार 132 केवी के फीडर बनने से अति संवेदनशील सुरक्षा संस्थानों को दो से अधिक 132 केवी की सप्लाई उपलब्ध रहेगी। साथ ही 132 केवी सब स्टेशन व्हीकल फैक्टरी जबलपुर और विनोबा भावे सब स्टेशन जबलपुर की 220 केवी सब स्टेशन नयागांव जबलपुर पर निर्भरता कम हो जाएगी।
एमडी की उपस्थिति में हुई शुरुआत
इस महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी सुनील तिवारी की उपस्थित में की गई। उन्हें अपने सामने 132 केवी सब स्टेशन विनोबा भावे से काम की शुरुआत करवाई, जहां 132 केवी सब स्टेशन व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के लिए टावर लगाने का कार्य प्रारंभ किया गया। इस कार्य की अनुमानित लागत 5 करोड़ रूपए है और संभावना है कि यह कार्य एक वर्ष में पूर्ण हो जाएगा। मुख्य अभियंता टेस्टिंग एंड कम्युनिकेशन राजेश श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता अति उच्चदाब निर्माण आरके खंडेलवाल, मुख्य अभियंता मेंटेनेंस एंड इंस्पेक्शन वीके राय, मुख्य अभियंता आरके स्थापक, अधीक्षण अभियंता सिटी सर्किल एसके त्रिवेदी सहित दोनों कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे।
नेरो बेस टावर का होगा उपयोग
प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने बताया कि 132 केवी सब स्टेशन विनोबा भावे सघन आबादी वाले इलाके में स्थापित है। इसके विस्तार और डबल सर्किट करने में आ रही दिक्कतों को देखते हुये पहली बार में नेरो बेस टावर का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें कम जगह पर टॉवर लगा कर पारेषण लाइन स्थापित की जाएगी। इसके लिए व्हीकल फैक्टरी से विनोवा भावे की 5 किलोमीटर लाइन का निर्माण होगा। इसके तैयार होने उपभोक्ताओं, औद्योगिक संस्थानों एवं विश्वविद्यालय को भी फायदा होगा।