यहां उबल जाते हैं मरीज भी, आप भी जानें संभाग के सबसे बड़े अस्पताल का सच

संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में बिजली गुल हो जाए तो जनरेटर तक की व्यवस्था नहीं है, इस दौरान आवश्यक जांचें नहीं हो पातीं, वहीं मरीजों को भीषण गर्मी झेलनी पड़ती है..

less than 1 minute read
Jun 14, 2016
Patients here are boiling
Patients here are boiling
जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है। इस अस्पताल में छह जिले से आए मरीजों को भर्ती किया जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि यदि इस अस्पताल में बिजली गुल हो जाए तो यहां जनरेटर तक की व्यवस्था नहीं है। मरीज भीषण गर्मी में उबल जाते हैं। इसके साथ ही आवश्यक जांचें प्रभावित होती हैं। इस संबंध में जिम्मेदारों की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब अस्पताल में सभी तकनीकि उपकरण उपलब्ध हैं तो बिजली गुल होने के दौरान जनरेटर की व्यवस्था क्यों नहीं है?

मंगलवार को दोपहर दो बजे मेडिकल अस्पताल की बिजली गुल हो गई। इससे मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। दमोह से अपने परिजन का इलाज कराने पहुंचे राकेश का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी अधिक है। गंभीर रूप से बीमार लोग भी यहां भर्ती हैं। वैसे ही मौसम गर्म है, ऐसे में बिजली गुल होना किसी भयनक पीड़ा से कम नहीं है। जब स्वस्थ्य लोग बिजली नहीं होने से परेशान हो जाते हैं, तो मरीजों की पीड़ा समझी ही जा सकती है।

नहीं हो पाए एक्सरे
मेडिकल अस्पताल में दोपहर को बिजली गुल होने से एक्सरे नहीं हो पाए। जिसके कारण करीब दो सौ मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। एक्सरे के अलावा भी अन्य जांचें प्रभावित हुईं। प्रबंधन इस मसले पर कुछ भी कहने से बच रहा है।

इनका कहना है कि
लोकल फाल्ट के कारण बिजली चली गई थी, दो जनरेटर हैं, जिससे आईसीयू और ऑपरेशन थेटर जुड़े हैं। संसाधन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ राजेश तिवारी, अधीक्षक मेडिकल अस्पताल
Published on:
14 Jun 2016 06:52 pm