जबलपुर

फार्मेसी में मास्टर डिग्री का सपना नहीं होगा पूरा, विवि नहीं बढ़ा रहा छात्रहित में कदम

pharmacy degree फार्मेसी में मास्टर डिग्री का सपना नहीं होगा पूरा, विवि नहीं बढ़ा रहा छात्रहित में कदम

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Sep 13, 2025

pharmacy degree : लम्बे इंतजार के बाद फार्मेसी के विद्यार्थियों के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन मास्टर डिग्री का सपना अब भी अधूरा है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में इसी सत्र से एम फार्मेसी की पढ़ाई शुरू होनी थी, मगर विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। छात्रों को उम्मीद थी कि रादुविवि इस सत्र से कोर्स शुरू करेगा, लेकिन ऐसा न होने से निराशा छा गई है। नतीजा यह है कि छात्रों को मजबूरी में या तो शहर से बाहर जाने विवश होना पड़ेगा या फिर निजी कॉलेजों में ऊंची फीस पर पढ़ाई करनी होगी। डॉयरेक्ट्रेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन द्वारा 13 सितंबर से काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कराने जा रहा है।

pharmacy degree : पीएम उषा के तहत होना था निर्माण

फार्मेसी विभाग के उन्नयन और के लिए रादुविवि में 11 करोड़ की लागत से नया आधुनिक भवन बनना था। इसमें 6 क्लासरूम, 8 प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, पार्किंग आदि का निर्माण किया जाना था। पुराने भवन के सामने इसका निर्माण होना था। फार्माकोग्नोसी, फार्मोकोलॉजी, फार्मास्यूटिकल केमेस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, असेप्टिक रूम और मशीन रूम आदि का निर्माण प्रस्तावित था। विश्वविद्यालय प्रशासन की कमजोर इच्छाशक्ति ने छात्रों के सपनों पर ब्रेक लगा दिया।

pharmacy degree : इस तरह रहेगा शेडयूल

विद्यार्थी शनिवार से 18 सितंबर तक प्रवेश लेंगे। दूसरे चरण के रजिस्ट्रेशन 19 सितंबर से 3अक्टूबर तक होंगे। इसमें च्वाइस फिलिंग 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक होगी। दूसरे चरण की मेरिट लिस्ट 8 अक्टूबर को जारी होगी। 11 अक्टूबर को आवंटन जारी होने के बाद विद्यार्थी 16 अक्टूबर तक कालेज पहुंचकर प्रवेश ले पाएंगे। दोनों राउंड में रिक्त रहने वाली सीटों पर प्रवेश देने तीन कालेज लेवल काउंसलिंग होगी।

pharmacy degree : निजी कॉलेजों को सीधा फायदा

एम. फार्मेसी की पढ़ाई शासकीय स्तर पर शुरू न होने से निजी कॉलेजों को सीधे फायदा होगा। क्योंकि जिले में पॉलीटेक्निक कॉलेज में भी फार्मेसी का कोर्स उपलब्ध है लेकिन मास्टर डिग्री न होने के कारण छात्र-छात्राओ को आगे की शिक्षा के लिए परेशान होना पड़ता है। इसका सीधा फायदा शहर के निजी कॉलेजों को मिल रहा है। वे ऊंची फीस लेकर छात्रों को एडमिशन दे रहे हैं। जबकि गरीब और मध्यमवर्गीय छात्र आर्थिक बोझ तले दब रहे हैं।

pharmacy degree : फार्मेसी पाठयक्रम की मांग हर साल बढ रही है। इसे देखते हुए इसे अपग्रेड किया जाना था। नए पाठयक्रम भी शुरू करने के लिए भवन आदि का निर्माण होना था। विवि प्रशासन को काम करना था।

  • प्रो.पीके खरे, विभागाध्यक्ष फार्मेसी रादुविवि
Published on:
13 Sept 2025 11:34 am
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