
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को एक बार फिर मध्यप्रदेश पहुंच रहे हैं, वे इस बार जबलपुर आ रहे हैं। उनके आने से पहले ही एसपीजी सुरक्षा एजेंसी ने पूरे शहर में मोर्चा संभाल लिया है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इसपीजी ने कार्यक्रम स्थल से लेकर एयरपोर्ट की सुरक्षा को अपने हाथों में ले लिया है। किसी को भी बगैर अनुमति भीतर जाने नहीं दिया जा रहा है।
पीएम मोदी के दौरे से पहले जबलपुर सुरक्षा एजेंसियों के घेरे में आ गया है। पूरे शहर को नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है। वहीं पीएम के कार्केट के लिए बुलेटप्रूफ वाहन भी पहुंच गए हैं। काफिले के वाहन में जैमर वाला वाहन, बम बीडीएस स्क्वाड, एंबुलेंस फायर ब्रिगेड आदि वाहन शामिल हैं। पूरे शहर पर ड्रोन कैमरे से भी नजर रखी जा रही है।
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ऐसी की जाती है पीएम की सुरक्षा
पीएम मोदी अति सुरक्षा वाली बुलेटप्रुफ bmw7 में सफर करते हैं। उनके काफिले में साथ-साथ ऐसी ही दो डमी कारें भी चलाई जाती हैं, जिससे हमलावर को कंफ्यूज किया जा सके। प्रधानमंत्री के कारकेड में सबसे आगे सायरन बजाती हुई पुलिस सिक्योरिटी स्टाफ की गाड़ी होती है। उसके बाद एसपीजी की गाड़ी और फिर दो कार होती हैं। इसके बाद लेफ्ट और राइट साइड से दो वाहन आते हैं और बीच में मोदी की बीएमडब्ल्यू कार होती है। कई शहरों में पीएम मोदी की बीएमडब्ल्यू की जगह अन्य वाहनों का भी उपयोग किया जाता है। मोदी के काफिले में शामिल होने वाली सभी वाहनों की एसपीजी बारीकी से जांच करती है।
मोदी के काफिले में शामिल होने वाली गाड़ियों में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल होता है यदि सड़क के दोनों तरफ से 100 मीटर की दूरी तक रखे विस्पोटक भी निष्क्रिय हो सकते हैं। इसके अलावा जब प्रधानमंत्री पैदल चलते हैं तो उनके आसपास सादे कपड़ों में एनएसजी कमांडो भी चलते हैं। इन कमांडों के पास खास तरह की राइफल होती है जो एक मिनट में 800 फायर कर सकती है।
पीएम की सुरक्षा के बारे में बताया जाता है कि काले चश्मे पहने गार्ड दूर से भी हमलावर को भांप सकते हैं। साथ ही एक दूसरे साथियों से लाइव संपर्क में रहते हैं। पीएम के दौरे से पहले पूरे शहर को नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया जाता है। जब तक पीएम उस शहर में होंगे, वहां से कोई विमान ऊपर से उड़ान नहीं भर सकता है और न ही कोई ड्रोन उड़ सकता है।
कब बनी थी एसपीजी (SPG)
स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) का गठन 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुआ था। एसपीजी नामक सुरक्षा एजेंसी का जिम्मा देश के प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री के परिजनों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। इससे पहले पीएम दिल्ली पुलिस की सुरक्षा में रहते थे। एसपीजी में 3 हजार से ज्यादा जवान है। इनमें बीएसएफ, सीआईएसएफ और अन्य फोर्स के जवान शामिल होते हैं। एसपीजी जवान पीएम की सुरक्षा में दो स्तरों पर काम करते हैं। बाहरी सुरक्षा वाले हथियारबंद एसपीजी जवान हमेशा कॉम्बेट मोड में रहते हैं। वहीं अंदरूनी सुरक्षा वाले जवान ब्लेक सूट में रहते हैं।
मध्यप्रदेश में 10वां दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जबलपुर दौरा एक वर्ष में 10वां दौरा है। जबकि पिछले 10 वर्षों में पीएम मोदी का यह 35वां मध्यप्रदेश दौरा है। इससे पहले पीएम मोदी का छतरपुर जाने का भी कार्यक्रम था, लेकिन वो निरस्त हो गया। मोदी केन बेतवा लिंक परियोजना की आधारशिला रखने वाले थे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में भाजपा की राज्य और केंद्र सरकार के प्रमुख नेताओं के तूफानी दौरे चल रहे हैं, क्योंकि आने वाले तीन दिनों के बाद कभी भी आचार संहिता लग सकती है।
10 वर्षों में 35वां दौरा
पीएम मोदी देश के पहले पीएम हैं जो मध्यप्रदेश में पिछले 10 वर्षों में 35वीं बार आ रहे हैं। मोदी 5 अक्टूबर को जबलपुर में रहेंगे। मोदी अब तक प्रदेश के 24 जिलों के दौरे कर चुके हैं। इस दौरान इंदौर, भोपाल, रीवा, शहडोल, उज्जैन, श्योपुर, खरगोन, रतलाम, होशंगाबाद, सीधी, जबलपुर, धार, विदिशा, छतरपुर, मंदसौर, झाबुआ, छिंदवाड़ा, राजगढ़, टेकनपुर, अमरकंटक, महू, सीहोर व खंडवा जिले में आ चुके हैं। जबकि उज्जैन, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर में ज्यादा बार आए।
एक साल में 10वां दौरा
9 जनवरी: इंदौर में प्रवासी भारतीय कार्यक्रम में आए।
1 अप्रेल : भोपाल में वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई।
25 अप्रेल : रीवा में पंचायती राज सम्मेलन में शामिल हुए।
27 जून : भोपाल में वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई।
1 जुलाई : शहडोल में सिकल सेल उन्मूलन मिशन लॉन्च।
12 अगस्त : सागर में संत रविदास मंदिर की आधारशिला
14 सितंबर : बीना में पेट्रो केमिकल प्लांट की आधारशिला
25 सितंबर : भोपाल में कार्यकर्ता महाकुंभ में आए।
2 अक्टूबर : ग्वालियर में 1900 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास।
5 अक्टूबरः जबलपुर में कई विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन।