शहर में कहां पर कितनी रजिस्ट्रियां हुई हैं, उसका डाटा जाएगा खंगाला, जिला प्रशासन ने जारी किया निर्देश
जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेनामी संपत्ति पर कार्रवाई की चेतावनी के बीच जिला प्रशासन ने प्रॉपर्टी के सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। इस सर्वे के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि जिले में आगामी वर्षों में संपत्तियों की कीमत में कितनी बढ़ोतरी होगी। मकान, दुकान जैसी अचल संपत्ति खरीदने के लिए लोगों को औसतन कितना मूल्य चुकाना होगा। अच संपत्तियों की कीमतों का सर्वे शुरू करने के लिए पंजीयन विभाग ने कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष जिला मूल्यांकन समिति को नई कलेक्टर गाइडलाइन तैयार करने का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके साथ ही कलेक्टर महेशचन्द्र चौधरी ने भी निर्धारित कार्यक्रम के तहत सर्वे शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
चुनिंदा क्षेत्र की रजिस्ट्रियों पर नजर
जिला प्रशासन द्वारा कराए जाने वाले इस सर्वे में शहर के चुनिंदा इलाकों में हुई रजिस्ट्रियों की सर्वे रिपोर्ट उपमूल्यांकन समिति व जिला मू्ल्यांकन समिति के सामने पेश करेगी। इसके बाद प्रस्तावित दामों पर दावे-आपत्ति बुलाए जाएंगे, जिसकी सुनवाई कलेक्टर करेंगे। इसके बाद प्रस्तावित प्रॉपर्टी की कीमतों को केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा। वरिष्ठ जिला पंजीयक प्रभाकर चतुर्वेदी के अनुसार विभाग के मुख्यालय से आदेश प्राप्त होने के बाद शेड्यूल के अनुसार रूपरेखा तैयार की जा रही है। जल्द ही सर्वे करने की कार्रवाई आरंभ कर दी जाएगी।
31 दिसंबर तक का वक्त
पंजीयन विभाग ने कलेक्टर गाइडलाइन के लिए जारी किए गए शेड्यूल के तहत उपजिला मूल्यांकन समिति को प्रॉपर्टी की प्रस्तावित नई कीमतों की डिटेल रिपोर्ट 31 दिसम्बर तक तैयार करने समय-सीमा तय कर दी है। एक अप्रैल-2018 से लागू होने वाली कलेक्टर गाइडलाइन के रेट तय करने के लिए उपजिला मूल्यांकन समिति ने सभी सब-रजिस्ट्रारों को अपने-अपने क्षेत्र के बाजार रेट के आधार पर प्रस्तावित दाम वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सब-रजिस्ट्रारों ने इन क्षेत्रों में होने वाली रजिस्ट्रियों की जांच शुरू कर दी है।
रजिस्ट्रियों का डाटा खंगालेंगे
नई कलेक्टर गाइडलाइन का काम संपत्ति के मौजूदा मूल्य को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा। शहर में कहां पर कितनी रजिस्ट्रियां हुई हैं, उसका डाटा खंगाला जाएगा। सब रजिस्ट्रारों की सर्वे रिपोर्ट के बाद प्रस्तावित कीमतों पर बैठक में निर्णय होगा। बीते वर्षों में गाइडलाइन में आकस्मिक और अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया गया था, जिस पर बाद में काफी हो-हल्ला हुआ था। हालांकि कलेक्टर गाइडलाइन के तहत प्रापर्टी के रेट एक बार तय हो जाने के बाद इसमें कोई खास बदलाव नहीं हुए थे।
सर्वे का शेड्यूल
15 दिसंबर तक दामों की ऑनलाइन फीडिंग।
31 दिसंबर तक उपजिला मूल्यांकन समिति प्रस्तावित करेगी नए रेट।
15 जनवरी को जिला मूल्यांकन समिति प्रस्तावित मूल्यों को सार्वजनिक करेगी।
01 फरवरी से प्रस्तावित दामों पर आम जनता से दावे-आपत्ति के लिए समय।
20 फरवरी को जिला मूल्यांकन समिति दावा-आपत्ति के निराकरण के बाद करेगी रेट फायनल।
28 फरवरी को प्रस्तावित मूल्यों का ब्योरा केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजा जाएगा।
31 मार्च को केंद्रीय समिति की मंजूरी के बाद लागू किए जाएंगे नए रेट।