-जिस जुर्म में की गई पिटाई, वह उसने किया ही नहीं, मासूम चिल्ला चिल्ला कर बोलता रहा, नहीं चुराया मोबाइल
जबलपुर. पुलिस कभी-कभी कितनी बेदर्द, बेरहम हो जाती है, इसका ताजा तरीन नमूना है ये 10 साल का मासूम भोला उर्फ लखन गौड़। छठवीं कक्षा के इस छात्र को पुलिस वालों ने पुलिस ने इतना मारा कि उसके कान के पर्दे फट गए हैं। ये तब जब भोला बार-बार मिन्नते करता रहा। वह कहता रहा कि उसने चोरी नहीं की है। लेकिन पुलिस वालों ने उसकी एक न सुनी। बस उसकी पिटाई करते और गंदी गालियां देते रहे। अब ये मासूम परिवार के साथ जबलपुर पुलिस लाइन पहुंचा है जहांव जनसुनवाई के दौरान वह अपनी बात कप्तान जबलपुर के समक्ष रखने वाला है। उसकी दर्द-ए-दास्तान सुनने वाले भी यही जानने को उत्सुक हैं कि क्या एसपी इस मासूम के साथ न्याय करेंगे? उन बेरहम पुलिसवालों को सजा मिलेगी?
जानकारी के अनुसार घटना बेलखेड़ा की है। बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर दो बजे डायल-100 से बेलखेड़ा थाने के चार-पांच सिपाही भोला के घर बेलखेड़ा पहुंचे और भोला उर्फ लखन गौड़, पिता बृजेश गौड़ (आदिवासी) निवासी बेलखेड़ा को पकड़ कर उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। पुलिस वाले मोबाइल चोरी के आरोप में भोला को पीट रहे थे जबकि वह रोते-रोते बोलता रहा कि वह बेगुनाह है। मोबाइल उसके दोस्त ने रखने के लिए दिया है पर पुलिस वालों ने एक न सुनी। परिवार के लोग बचाने पहुंचे तो उन्हें भी भद्दी-भद्दी गाली दी और मारपीट कर भगा दिया। पीड़ित परिवार मासूम को लेकर अब एसपी की जनसुनवाई में गुहार लगाने जा रहा है।
बताया जा रहा है कि मासूम के चाचा भगवान दास बचाने पहुंचे तो उसे भी मारा। भगवानदास के मुताबिक भोला को पुलिस वाले उठा-उठा कर पटक रहे थे। उसे ताबड़तोड़ कई थप्पड़ जड़े। उसके कान से खून रिसने लगा, तब छोड़ा। पुलिस वालों ने भोला के पास से एक मोबाइल बरामद किया। पता चला कि वह मोबाइल पुलिस परिसर में रहने वाले एक कर्मचारी का है जो चोरी हो गया था।
भोला के मुताबिक उसके दोस्त राहुल ने उसे मोबाइल रखने के दिया था। राहुल की बड़ी बहन पुलिस आवास में खाना बनाती है। संभवत: उसी दौरान राहुल ने मोबाइल चुराया होगा। पुलिस ने सर्विलांस से ट्रेस किया तो वह भोला के पास मिला। बस इतनी से बात पर पुलिस वाले बेरहमी से उसे लात जूते से उसे पीटा।
मासूम भोला को परिवार के लोगों ने स्थानीय डॉक्टर को दिखाया। चिकित्सक ने बताया कि उसके कान के पर्दे फट गए हैं। उसे जबलपुर रेफर किया गया है। मंगलवार को परिवार के लोग मासूम को लेकर पहले एसपी से शिकायत करेंगे फिर उसका इलाज कराएंगे।
इस संबंध में टीआई सुजीत श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें सिपाही का मोबाइल गुम होने की जानकारी मिली थी। मारपीट हुई है, तो परिवार के लोग बेहिचक शिकायत करें। कार्रवाई होगी।