पैसे गिनते हुए वीडियो वायरल होने का मामलापाटन एसडीओपी पर गिरी गाज, पुलिस मुख्यालय में किया अटैचरेत कारोबारी के बयान में चौंकाने वाला खुलासा, हर महीने 80 लाख का खेल
जबलपुर/ पैसे गिनते हुए वीडियो मामले में फंसे पाटन एसडीओपी एसएन पाठक पर आखिरकार चौथे दिन गाज गिर ही गई। पुलिस महानिदेशक वीके सिंह की तरफ से जारी आदेश में पाठक के कृत्य को अत्यंत आपत्तिजनक और कदाचार की श्रेणी में बताते हुए तत्काल प्रभाव से पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार रेत माफिया ने पुलिस के सामने खुलासा किया है कि एसडीओपी हर महीने करीब 80 लाख रुपए का खेल करता था।
आदेश में कहा गया है कि रेत माफिया से अवैध रूप से रेत निकालने और परिवहन के सम्बंध में पैसे लिए जाने से सम्बंधित वीडियो वायरल होने से पुलिस की छवि खराब हुई है। उधर, मामले में प्राथमिक जांच के दौरान वीडियो में दिखे अमित अग्रवाल ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उसमें बताया गया कि हर महीने 80 लाख रुपए का खेल हो रहा था। अमित अग्रवाल का सोमवार को देर रात एसपी कार्यालय में बयान दर्ज हुआ। इससे पहले इस मामले में निलम्बित शहपुरा थाने के आरक्षक देवेंद्र जाट के बयान लिए गए थे। देवेंद्र ने जहां 17 लाख रुपए की जानकारी दी थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वहीं, एसडीओपी के साथ साएं की तरह नजर आने वाले अमित अग्रवाल ने अवैध रेत कारोबार की पूरी पोल ही खोल दी। बयान में बताया कि शहपुरा-बेलखेड़ा क्षेत्र में रोज 400 के लगभग डम्पर अवैध रेत तरीके से रेत लेकर निकलते थे। एसडीओपी पाठक एक डम्पर से हर महीने 20 हजार रुपए की दर से 80 लाख रुपए लेते थे।
एक कार्रवाई में 80 हजार जुर्माना
पुलिस सूत्रों के अनुसार एसडीओपी की शर्त न मानने वाले रेत माफिया के वाहन जब्त कर कई-कई दिनों तक थानों में खड़ा कराया जाता था। एक डम्पर व हाइवा की जब्ती पर वाहन स्वामी को 80 हजार के लगभग जुर्माना देना पड़ता था। वाहन जब्त होने से रोज के किराए का अलग से नुकसान होता था।
विधानसभा चुनाव के बाद बदला नजारा
सूत्रों की मानें तो विधानसभा चुनाव में बरगी का रिजल्ट बदलने के बाद रेत के अवैध धंधे में एसडीओपी पाठक का दखल बढ़ता चला गया। इस रेत के धंधे में शहपुरा, बेलखेड़ा, भेड़ाघाट, संजीवनी नगर, तिलवारा, पाटन, माढ़ोताल के भी कई पुलिस कर्मी शामिल हैं। कुछ पुलिस कर्मियों को चार पहिया वाहन भी रेत माफिया की ओर से गिफ्ट किया गया है। अब एसपी इन थाना क्षेत्रों में पदस्थ पुलिस कर्मियों की बड़े पैमाने पर तबादले के निर्देश दिए हैं।