MP News: जानकारी के अनुसार नेपियर टाउन निवासी अमिताभ ने खुद को गोंड़ जनजाति से संबंधित बताया था। साथ ही उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था।
MP News: एमपी के जबलपुर शहर में पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर(थानेदार) अमिताभ प्रताप सिंह (थियोफिलस) का अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। जो वर्तमान में बुरहानपुर जिले में पदस्थ हैं। इसी आधार पर 25 साल पहले आरक्षण का लाभ लेकर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। अब जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उधर, शासन को भी जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है। जानकारी के अनुसार नेपियर टाउन निवासी अमिताभ ने खुद को गोंड़ जनजाति से संबंधित बताया था। साथ ही उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था। उनके खिलाफ भोपाल निवासी सोनाली सिंह ने शिकायत की थी कि फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र बनवाकर वर्ष 2000 में पुलिस में नियुक्ति पाई है।
आदिम जाति कल्याण विभाग ने इसे जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना के पास भेजा था। जिन्होंने जांच एसडीएम रांझी रघुवीर सिंह मरावी को सौंपी थी। जांच में अमिताभ प्रताप सिंह की संस्कृति गोंड़ जनजाति के अनुसार नहीं मिली थी।