कलेक्टर ने आदेश जारी करके जनपद अध्यक्ष पद से भी हटाया
जबलपुर। जिले की एक जनपद अध्यक्ष और सीईओ के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद की आखिरकार गाज अध्यक्ष पर गिर गई। कलेक्टर महेशचन्द्र चौधरी की कोर्ट से जारी आदेश में कुण्डम की निर्वाचित जनपद अध्यक्ष आराधना महोबिया को उनके पद से पृथक करने की कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके साथ ही अध्यक्ष पर 6 साल तक चुनाव लडऩे पर भी रोक लगा दी गई है। कलेक्टर ने अपने आदेश में कहा है कि पद से पृथक होने के साथ ही बर्खास्त अध्यक्ष अन्य किसी भी पंचायत की सदस्य नहीं रह सकेंगी। इस फैसले के बाद जिले की राजनीति अचानक गरमा गई है।
आर्थिक अनियमितता और दुव्र्यहार
कुं डम जनपद की तत्कालीन सीईओ बसंती दुबे ने शिकायत की थी कि अध्यक्ष महोबिया व उनके पति रवि की ओर से द्वारा दुव्र्यहार किया जाता है। शासकीय कार्य में अनावश्यक बाधा पहुंचाई जाती है। आर्थिक अनियमितताएं की जा रही हैं। महोबिया पर शासकीय दस्तावेजों को घर ले जाकर कई दिन रखे रहने की भी शिकायत पहुंची थी। एक ट्रांसपोर्टर ने शिकायत की गई थी कि उसक ा कई महीनों का किराए का भुगतान करने के बजाय अध्यक्ष रख लिया गया।
लंबी जांच के बाद फैसला
जानकारी के अनुसार अप्रैल 2016 में जिले की समस्त जनपद पंचायतों के सीईओ ने कलेक्टर कोर्ट में कुंडम जनपद अध्यक्ष एवं उनके पति के खिलाफ शिकायत की थी। दोनों पर सीईओ बासंती दुबे के साथ व्यवहार करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाए गए थे। इसके बाद जनपद अध्यक्ष व उनके पति ने सीईओ बसंती पर भी आर्थिक भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। मामला कलेक्टर न्यायालय पहुंचा। दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच एसडीएम कुं डम से कराई गई।
सीईओ को क्लीनचिट
कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में जनपद अध्यक्ष व उनके पति के विरुद्ध शिकायतें सही मिलीं। जबकि, सीईओं के विरुद्ध हुई शिकायत सही नहीं पाई गई। इसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए कलेक्टर न्यायालय ने सरकारी कार्य में अनावश्यक बाधा डालने व महिलाओं के सम्मान पर पडऩे वाले प्रतिकू ल प्रभाव से लेकर आर्थिक अनियमितता की शिकायत सही पाए जाने पर ये फै सला सुनाया है।
शासकीय कार्य में पति का हस्तक्षेप
कलेक्टर ने कहा कि एसडीएम के समक्ष दिए गए बयानों से ज्ञात होता है कि अध्यक्ष के पति का शासकीय कार्य में हस्तक्षेप रहता है और अध्यक्ष और उनके पति द्वारा किया गया कृत्य स्त्रियों के सम्मान के प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला है। साथ ही अध्यक्ष का कृत्य जनपद पंचायत कुण्डम को आर्थिक क्षति कारित करने वाला है, जो धारा 40 के प्रयोजन के लिए अवचार के अंतर्गत है और धारा 40(1) के तहत श्रीमती महोबिया का जनपद अध्यक्ष के पद पर बने रहना लोकहित में अवांछनीय है। अत: मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत आराधना महोबिया को जनपद पंचायत कुण्डम के अध्यक्ष पद से पृथक किया जाता है।
ये है अध्यक्ष के आरोप
सुनवाई के दौरान अपने बयान में अध्यक्ष ने सीईओ पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पंचायत से संबंधित जानकारी मांगने पर उन्हें यह उपलब्ध नहीं करवाई जाती। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी तक सीईओ ने मुहैया नहीं करवाई। अध्यक्ष ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को भी शिकायत की।